
रायपुर . झीरम घाटी नक्सली हमले में आज नया अपडेट सामने आया है। हमले में शामिल नक्सलियों पर NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने इनाम घोषित किया है। एजेंसी ने वारदात को अंजाम देने वाले नक्सलियों की सूचना देने वाले को 7 लाख रुपए का इनाम देने का एलान किया है। 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सलियों ने झीरम घाटी में हमला कर दिया था। इस नरसंहार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित कुल 31 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
हमले के बाद इसकी जांच की जिम्मेदारी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को सौंपी गई थी, जिसके बाद से ही एजेंसी इसकी जांच कर रही है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने घोषणा में नक्सलियों पर 50 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक का इनाम घोषित किया है। साथ ही नक्सलियों के बारे में सूचना देने वालों के लिए भी नकद इनाम की घोषणा की गई है। साथ ही कहा है सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
बस्तर संभाग स्थित झीरम घाटी में 2013 में हुए नक्सली हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला, नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा सहित 31 लोगों की जानें गई थी। एनआइए के अधिकारियों ने बताया कि कुख्यात नक्सली देवजी और गणेश उइके पर सात-सात लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। दोनों नक्सली नेता दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय हैं और झीरम कांड के मास्टर माइंड माने जाते हैं। एनआइए ने नक्सलियों के नाम, उपनाम और पता का भी जिक्र किया है।
इन नक्सलियों पर किया गया है इनाम घोषित
देवजी और गणेश तेलंगाना के मूल निवासी हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ के सुकमा के सोमा सोढ़ी, बारसे सुक्का, जयलाल मंडावी, भगत हेमला उर्फ बदरू, सप्पो हुंगा पर पांच-पांच लाख का इनाम घोषित किया है। तीन नक्सलियों पर ढाई लाख का इनाम घोषित किया गया है। इसमें तेलम आयतू, बदरू मोडियाम और कुरसम सन्नी शामिल हैं।यह तीनों बीजापुर जिले के हैं। नौ नक्सलियों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। इसमें बस्तर के कामेश कवासी, बीजापुर के कोरसा सन्नी, लच्छी मोडियाम, सोमी पोटाम, मोडियम रमेश, कोरसा लक्खू, सरिता केकम, कुम्मा गोंदे और मंगली कोसा है। 50-50 हजार का इनाम दंतेवाड़ा के मड्डा मड़कामी और सन्नू वेट्टी पर घोषित किया गया है।
रायपुर अथवा दिल्ली में दे सकते हैं जानकारी
एनआइए ने जानकारी देने के लिए रायपुर में पदस्थ एसपी का नंबर भी जारी किया है। मौलश्री विहार स्थित एनआइए कार्यालय में सीधे जानकारी दी जा सकती है। साथ ही दिल्ली कार्यालय में भी जानकारी भेजी जा सकती है। एनआइए के इनाम घोषित करने के साथ ही जांच में भी तेजी लाई है।
मुख्यमंत्री भूपेश ने लिखा था केंद्र को पत्र
2013 में हुए झीरम घाटी नक्सली हमले की जांच को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भूपेश सरकार ने चिट्ठी लिखा था। राज्य सरकार ने चिट्ठी में केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में 10 खामियां गिनाते हुए केस की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से कराने की बात कही थी। राज्य सरकार ने लिखा था कि इस पूरे मामले की जांच अब राज्य सरकार की एसआईटी के द्वारा कराई जाएगी इसलिए इस केस को उन्हें ट्रांसफर किया जाए।
जांच में आई तेजी
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद झीरम मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है। एनआइए से जांच की फाइल सरकार की ओर से मांगी गई, लेकिन एनआइए ने फाइल नहीं लौटाई। सरकार बदलने के बाद से एनआइए की जांच में तेजी आई है। राज्य सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है, जिसमें झीरम कांड के षड्यंत्र की जांच की जा रही है।
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