जगदलपुर

हिसार में पकड़ा गया छत्तीसगढ़ के बस्तर का नक्सली, एनआरबी को एक्टिवेट करने का आरोप… मिले आपत्तिजनक दस्तावेज

Naxal News: एनआईए ने नक्सलियों के अर्बन नेटवर्क के प्रमुख सदस्य के आरोप में बस्तर के एक युवक को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया है।
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Aug 01, 2025
NIA Raid
NIA टीम (Photo Source- patrika)

CG Naxal News: एनआईए ने नक्सलियों के अर्बन नेटवर्क के प्रमुख सदस्य के आरोप में बस्तर के एक युवक को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार किया है। इसका नाम प्रियांशु कश्यप बताया जाता है जो कि बस्तर जिले के दरभा क्षेत्र का निवासी है और दिल्ली पढ़ने गया था।

आरोप है कि वह नक्सलियों का सक्रिय सदस्य है तथा वह कुछ साथियों के साथ नक्सलियों की एनआरबी (नार्थ रीजनल ब्यूरो ) को पुन: एक्टिवेट करने का प्रयास कर रहा था। एनआईए ने आरोपी के पास से सिम कार्ड, एक मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 2 मेमोरी कार्ड सहित नक्सलियों संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।

एनआईए के अधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रियांशु नक्सल प्रभावित बस्तर का मूल निवासी और वर्तमान में हरियाणा के रोहतक जिले में रह रहा था। प्रियांशु कश्यप को हरियाणा पुलिस द्वारा दी गई सूचना के आधार पर मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। जांच में वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई माओवादी का सदस्य पाया गया और रोहतक में इसके एरिया कमेटी इंचार्ज के रूप में यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम करने का दावा किया गया है ।

उत्तर क्षेत्र में प्रभाव जमाने की कोशिश

नक्सलियों के नॉर्थ रीजनल ब्यूरो में उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का क्षेत्र शामिल है। पिछले कुछ समय से इस संगठन का प्रभाव क्षीण हो गया था। इसे पुन: सक्रिय करने के लिए नक्सलियों ने एक टीम बनाई हुई थी। जिसमें कुछ आतंकी, कई बाहरी और भूमिगत कार्यकर्ता (ओजीडब्ल्यू ) शामिल किए गए थे जो इसे पुन: सक्रिय करने में लगे हुए थे।

दो पहले ही गिरफ्तार

जांच से पता चला है कि इन कार्यकर्ताओं को नक्सलियों के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो, खासकर झारखंड से धन मुहैया कराया जा रहा था। इससे पहले अजय सिंघल उर्फ अमन (हरियाणा) तथा विशाल सिंह (पंजाब ) को एनआईए गिरफ्तार कर चुकी है।

ज्वॉइंट एक्शन में ईडी शामिल: शर्मा

नक्सलियों के खिलाफ ज्वॉइंट एक्शन में अब ईडी भी शामिल होगी। टेरर फंडिंग को लेकर हुई एक बैठक में इस पर फैसला लिया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ईडी का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेन-देन है, तो उसे रोकना है। ऐसे में विभिन्न एजेंसियां काम करती हैं। यदि मामला ईडी को दिए जाने लायक होगा तो दिया जाएगा। उन्होंने कहा चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल व अन्य सभी विषयों पर एजेंसियां काम कर रही हैं।

Published on:
01 Aug 2025 07:58 am