
जर्जर सड़क के डामरीकरण की बजाय बजरी गिट्टी पाट रहा एनएच
12 किमी लंबी सड़क की हालत खराब
विभाग ने डामरीकरण करने बजाय यह सस्ता व काम चलाऊ तरीका खोज निकाला है। जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में पदयात्रियों को भुगतना पड़ सकता है। अधिकतर पदयात्री नंगे पांव ही चलकर आते हैं। शारदीय नवरात्रि शुरू होने में बमुश्किल एक सप्ताह का समय बचा है। ऐसे में गीदम से दंतेवाड़ा के बीच बीटी रिनीवल और सड़क की सफाई की बजाय विभाग ने शार्टकट रास्ता अपनाया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गीदम के हारम चौक से दंतेवाड़ा तक 12 किमी लंबी इस सड़क का बीटी रिनीवल बीते 5 साल से नहीं हुआ है, जिससे सड़क की हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है।
इस बार पदयात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावनाकोरोना काल में दो साल से नवरात्रि पर बंद रही पदयात्रा इस बार फिर से शुरू हो रही है। बस्तर संभाग के जगदलपुर, कोंडागांव, नारायणपुर के अलावा पड़ोसी राज्य ओड़िशा तक से लोग सैकडों किमी पैदल चलकर यहां पहुंचते हैं।
एक-दूसरे का मुंह ताक रहे विभागदंतेवाड़ा से गीदम के बीच की सड़क के संधारण को लेकर लोक निर्माण विभाग और एनएच-डिवीजन के बीच आपसी खींचतान बनी रहती है। इस सड़क को कुछ साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इस पर काम करना बंद कर दिया है। जबकि एनएच-डिवीजन के अफसर फंड की कमी और मंजूरी नहीं मिलने का बहाना बनाकर इस सड़क का संधारण नहीं कर रहे हैं। नाम मात्र के एनएच को लेकर हो रही खींचतान का खामियाजा जर्जर सड़क के रूप में आम जन को भुगतना पड़ रहा है।
शक्तिपीठ मार्ग की उपेक्षाइस सड़क को शक्तिपीठ मार्ग के रूप में विकसित करने की मांग अरसे से की जा रही है, लेकिन सड़क के एनएच घोषित होने के बाद से यह सड़क जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के नियंत्रण से बाहर हो गया है। दंतेवाड़ा से पुलिस लाइन कारली तक डिवाइडरयुक्त 7 किमी लंबी सड़क एनएच घोषित होने से पहले बन चुकी थी। इसके आगे कारली से हारम चौक गीदम तक सड़क के चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण का मामला अटक गया है।