
नक्सल प्रभावित तर्रेम में खुला नया बैंक (photo source- Patrika)
Chhattisgarh Banking Expansion: साय सरकार के गठन के बाद बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़े और शाखा का शुभारंभ किया। खास बात यह है कि पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में यह 31वीं नई बैंक शाखा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच को दर्शाती है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नक्सल प्रभावित और दूर-दराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तर्रेम में बैंक खुलने से स्थानीय ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे, पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने बस्तर में हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जहां कभी बैंकिंग सुविधाएं नहीं थीं, वहां अब गांव-गांव तक बैंक पहुंच रहे हैं। यह बदलाव न केवल नक्सलमुक्ति की दिशा में अहम कदम है, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी रख रहा है।
पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में बैंकिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। जगदलपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर और सुकमा जैसे जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों की नई शाखाएं शुरू हुई हैं। इनमें बादेककलूर, धरमपुरा, पामेड़, चेरपाल, पाखांजूर, फरसगांव, सोनपुर, चिंतलनार और जगरगुंडा जैसे इलाके शामिल हैं, जो कभी बैंकिंग सुविधाओं से वंचित थे।
तर्रेम में बैंक खुलने से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें पैसे जमा-निकासी, पेंशन, शासकीय योजनाओं और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार केवल सेवा उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार, स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह पहल क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
वित्त मंत्री ने दंतेवाड़ा कलेक्टर रहते अपने अनुभव साझा करते हुए जगरगुंडा क्षेत्र का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कभी अत्यधिक नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके में अधिकारी जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि जिस भवन में कभी बैंक शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर फिर से बैंक शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।
Updated on:
07 May 2026 11:51 am
Published on:
07 May 2026 11:50 am
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