
गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर दौरा (photo source- Patrika)
Amit Shah Bastar Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे एक उच्चस्तरीय अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक (Inter-State Council meeting) की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती 5 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा गृह मंत्री इस दौरान बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा बलों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा भी करेंगे।
उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार अमित शाह की बस्तर बैठक नक्सलवाद के खात्मे के बाद की सुरक्षा स्थिति और अंतर-राज्यीय विकास के मुद्दों पर केंद्रित होगी। छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने के सरकार के लक्ष्य (31 मार्च 2026) के बाद यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। कुछ खबरों में आसपास के अन्य प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के जुड़ने की भी बात कही गई है। बैठक बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित की जाएगी।
बता दें अमित शाह, 18 मई की रात सीधे जगदलपुर आएंगे और रात्रि विश्राम के बाद 19 मई को बैठक लेंगे। उसी दिन शाम को दिल्ली लौट जाएंगे। पिछली बैठक लखनऊ में हुई थी। इस बैठक की तैयारियां शुरू हो गई है। सीएस विकासशील ने सभी विभागों से पिछली बैठक के मिनिट्स के अनुसार छत्तीसगढ़ में हुए कार्यों और लंबित मुद्दों को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है। इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है।
Amit Shah Bastar Visit: सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है। पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।
Published on:
06 May 2026 03:11 pm
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