जगदलपुर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में सोमवार को तीन दिवसीय पक्षी सर्वे की शुरूआत किया गया। जैव विविधता, भूमिगत लाइमस्टोन की गुफाएं और मनमोहक झरनों के लिये विख्यात प्रसिद्ध कांगेर घाटी में बर्ड अकाउंट इंडिया और बर्ड एंड वाइल्डलाइफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में यह सर्वे का कार्य आरंभ किया गया। इस अवसर पर आरसी दुग्गा सीसीएफ बस्तर , रामकृष्ण डीएफओ बीजापुर, कांगेर वैली निर्देशक धम्मशील गणवीर , हकीमुद्दीन सैफी बर्ड काउंट इंडिया , सोनू अरोरा बर्ड एंड वाइल्डलाइफ छत्तीसगढ थे।
100 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल
कांगेर घाटी में बीते वर्ष की तरह आयोजित पक्षी सर्वे के लिये नौ राज्यों से 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। सर्वे टीम में कोलकाता, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना , आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान , पश्चिम बंगाल सहित छत्तीसगढ़ के गिधवा परसदा वेटलैंड से भी प्रतिभागी शामिल हैं। पूरे टीम का कांगेर घाटी के मैना मित्र, मगर मित्र और विभागीय कर्मचारियों द्वारा गाइड के रूप में सहयोग किया जा रहा है।
माचकोट क्षेत्र में फोकस ज्यादा
राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक धम्मशील गणवीर के मुताबिक इस वर्ष कांगेर घाटी में पिछले साल की तुलना में पक्षियों की अधिक प्रजातियां मिलने की संभावना है । यही वजह है कि लैंडस्केप बेस्ड अप्रोच को ध्यान में रखते हुए आस पास के क्षेत्र को सर्वे कार्य हेतु जोड़ा गया है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान से लगे हुए माचकोट और तिरिया के जंगल भी जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि यहां की जैवविविधता को जानने के लिए इस बार इस क्षेत्र को भी सर्वें मे शामिल किया गया है।