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सरेंडर के बाद भी संघर्ष जारी: मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के सामने समाज का भरोसा जीतने की सबसे बड़ी चुनौती

Bastar Naxal News: छत्तीसगढ़ में 2000 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया, लेकिन मुख्यधारा में लौटने के बाद भी सामाजिक स्वीकार्यता बड़ी चुनौती बनी हुई है। पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट।
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Chhattisgarh Naxal Surrender

सरेंडर के बाद भी संघर्ष जारी (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Naxal: बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान ने पिछले दो वर्षों में बड़ी सफलता हासिल की है। दो हजार से अधिक छोटे-बड़े नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरकार इसे शांति स्थापना की दिशा में अहम उपलब्धि मान रही है और आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं के तहत रोजगार, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। लेकिन सरकारी पुनर्वास और सामाजिक स्वीकार्यता के बीच आज भी एक गहरी खाई मौजूद है। जिन गांवों में कभी ये नक्सली बंदूक के दम पर खौफ का पर्याय थे, वहीं आज उसी समाज का भरोसा जीतना इनके लिए सबसे मुश्किल लड़ाई बन गया है।

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