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सहकारिता का ‘पिंक मॉडल’ बना मिसाल! महिला समूहों ने गांव से बाजार तक बदल दी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, जानें कैसे

International Co-operative Day: छत्तीसगढ़ में सहकारिता अब महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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ताबीर हुसैन

Jul 04, 2026

International Co-operative Day

जशपुर क्षेत्र की महिलाएं हस्तशिल्प उत्पाद बनाती हुईं (फोटो सोर्स- पत्रिका)

International Co-operative Day 2026: रायपुर@ताबीर हुसैन। एक समय था जब सहकारिता का अर्थ केवल बचत और ऋण की व्यवस्था तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज यह अवधारणा पूरी तरह बदल चुकी है। छत्तीसगढ़ में सहकारिता अब महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। प्रदेश की हजारों महिलाएं स्व-सहायता समूहों और महिला सहकारी समितियों के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं।

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