Social Security Pension Scheme: सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत जिले में वृद्धावस्था, एकल नारी एवं विशेष योग्यजन श्रेणी के लगभग 5 लाख 95 हजार लाभार्थियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है।
जयपुर। जयपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े करीब 1.36 लाख लाभार्थियों को बड़ा झटका लग सकता है। यदि इन पेंशनधारकों ने 31 मार्च तक अनिवार्य भौतिक सत्यापन नहीं कराया, तो उनकी पेंशन बंद हो सकती है। बता दें कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत जयपुर जिले में वृद्धावस्था, एकल नारी एवं विशेष योग्यजन श्रेणी के लगभग 5 लाख 95 हजार लाभार्थियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है।
विभागीय नियमों के अनुसार सभी पेंशनधारकों का वार्षिक भौतिक सत्यापन 31 मार्च तक करवाना जरूरी है। इसके बावजूद जयपुर जिलेभर में अब तक एक लाख 36 हजार 936 लोगों ने सत्यापन नहीं करवाया है। ऐसे में यदि निर्धारित समय सीमा तक पेंशनधारकों ने सत्यापन नहीं कराया तो विभाग सरकार को प्रस्ताव भेजकर संबंधित लोगों की पेंशन बंद करवाने की कार्रवाई करेगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक बी.पी. चंदेल ने बताया कि जयपुर जिले में 72 हजार 756 तथा जयपुर शहर क्षेत्र में 64 हजार 180 पेंशनधारक अभी भी सत्यापन से वंचित हैं। इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग के उपायुक्तों की बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी लंबित सत्यापन 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कराए जाएं।
जिला प्रशासन ने अपील की है कि पेंशनधारक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, स्मार्टफोन या अधिकृत अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर सत्यापन कराएं। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार पेंशनधारकों को हर वर्ष भौतिक सत्यापन कराना होता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे योजना के पात्र हैं।
चंदेल ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग के उपायुक्तों की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) द्वारा आयोजित की गई, जिसमें सभी लंबित पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी शेष पेंशनधारकों से आग्रह किया गया है कि वे 31 मार्च 2026 तक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, स्मार्ट फोन या अधिकृत स्वीकृतकर्ता अधिकारी के सामने उपस्थित होकर अनिवार्य रूप से अपना भौतिक सत्यापन करवा लें। यदि निर्धारित तिथि तक भौतिक सत्यापन नहीं कराया जाता है, तो संबंधित पेंशनधारकों की पेंशन बंद करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित कर दिया जाएगा।