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New Railway Project : मोदी सरकार ने राजस्थान को दी नई रेल कनेक्टिविटी की सौगात, जानें ‘गदगद’ सीएम भजनलाल ने क्या कहा? 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने राजस्थान सहित 6 राज्यों के लिए ₹23,437 करोड़ की तीन बड़ी मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे 19 जिलों की कनेक्टिविटी सुधरेगी।

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Pm Modi and CM Bhajan Lal

Pm Modi and CM Bhajan Lal

राजस्थान के विकास पथ पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक ऐसा फैसला लिया गया, जिससे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 'गदगद' नजर आ रहे हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने देश के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में राजस्थान सहित 6 राज्यों को कवर करने वाली तीन अत्यंत महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।

विकसित राजस्थान का संकल्प होगा सिद्ध : सीएम भजनलाल

कैबिनेट के फैसले के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के समग्र विकास के लिए 'ईंधन' बताया।

  • ऐतिहासिक निवेश: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि ₹23,437 करोड़ की लागत से बनने वाली ये परियोजनाएं रेल अवसंरचना को मजबूती देंगी।
  • कनेक्टिविटी में क्रांति: इन परियोजनाओं से राजस्थान की कनेक्टिविटी न केवल पड़ोसी राज्यों से बेहतर होगी, बल्कि व्यापार और उद्योग के नए द्वार खुलेंगे।
  • रोजगार के अवसर: सीएम के अनुसार, रेल नेटवर्क का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

6 राज्य, 19 जिले- राजस्थान बनेगा केंद्र बिंदु

केंद्र सरकार का यह प्रोजेक्ट बेहद विशाल है। इसमें राजस्थान के साथ-साथ 5 अन्य राज्यों को शामिल किया गया है, जो सीधे तौर पर 19 जिलों की परिवहन व्यवस्था को बदल कर रख देंगे।

मल्टीट्रैकिंग का फायदा: सिंगल ट्रैक पर दबाव कम होगा और ट्रेनों की रफ्तार के साथ-साथ सुरक्षा में भी इजाफा होगा।

माल ढुलाई में तेजी: राजस्थान के औद्योगिक उत्पादों को बंदरगाहों और देश के अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचाने में समय की बचत होगी।

यात्री सुविधाओं का विस्तार: नई पटरियां बिछने से भविष्य में और अधिक 'वंदे भारत' जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होगा।

'विकसित भारत' की राह में 'विकसित राजस्थान'

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में विशेष रूप से 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान' के संकल्प का जिक्र किया। केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार जिस तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित कर रही है, उससे राजस्थान आने वाले समय में देश का 'लॉजिस्टिक हब' बनने की क्षमता रखता है।

उद्योग और व्यापार को मिलेगी गति

राजस्थान एक ऐसा राज्य है जहाँ पर्यटन और खनिज संपदा का भंडार है। रेलवे की इन परियोजनाओं से:

  • पर्यटन: प्रदेश के ऐतिहासिक शहरों तक पहुंचना आसान होगा, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • खनिज व्यापार: मार्बल, ग्रेनाइट और सीमेंट जैसे उद्योगों को परिवहन की सस्ती और तेज सुविधा मिलेगी।
  • खेती-किसानी: कृषि उत्पादों को जल्दी मंडियों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।

सवाल : क्या राजस्थान को मिलने वाली हैं कुछ और नई ट्रेनें?

मल्टीट्रैकिंग की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन असली उत्साह इस बात को लेकर है कि क्या इन नए ट्रैक्स के तैयार होते ही राजस्थान को दिल्ली और मुंबई के लिए कुछ 'सुपरफास्ट' सरप्राइज मिलने वाले हैं? रेलवे सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं है, बल्कि राजस्थान के रेल नक्शे को पूरी तरह से री-डिजाइन करने की तैयारी है। आखिर वो कौन से 19 जिले हैं जिनकी किस्मत इस ₹23,000 करोड़ के निवेश से चमकने वाली है? इसका विस्तृत रूट मैप जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।