
नई दिल्ली. पिछले कुछ वर्षों में भारत में साइबर हमलों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। देश में पिछले साल साइबर हमले की 14 लाख से ज्यादा घटनाएं सामने आईं। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ऐसी घटनाओं के आंकड़े पेश किए।
आंकड़ों के मुताबिक 2017 में अप्रेल से दिसंबर तक साइबर अटैक की 41,378 घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद ये बढ़कर 2018 में 2,08,456, 2019 में 3,94,499, 2020 में 11,58,208 और 2021 में 14,02,809 हो गईं। इस साल नवंबर तक इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-इन) द्वारा ट्रैक और रिपोर्ट की गई कुल संख्या 12,67,564 है।
एक दूसरे सवाल के जवाब में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी स्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिदिन बड़ी संख्या में साइबर हमले होते हैं, लेकिन ज्यादातर को रोक दिया जाता है।
रोकथाम के कदम
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साइबर अटैक रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था में सरकार से जुड़े तत्वों (स्टेट एक्टर्स) और सरकार से इतर तत्वों (नॉन-स्टेट एक्टर्स) से जिस तरह के खतरे होते हैं, उसको लेकर समग्र काम चल रहा है।
एम्स की हैकिंग के पीछे चीन
दिल्ली एम्स के सर्वर हैक करने के पीछे चीन की साजिश थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हैकर्स ने 100 सर्वर में से पांच को हैक कर लिया था। इन पांचों सर्वर से डेटा निकाल लिया गया है।