फसल खराबा: हाड़ौती में अब तक 12 किसानों की मौत

ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों को देख हाड़ौती में किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। सुल्तानपुर क्षेत्र के रामनगर गांव में रविवार को एक और किसान हीरालाल बैरागी की बर्बाद फसल देख सदमे से मौत हो गई। 
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Updated: 23 Mar 2015, 9:50 AM IST
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ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों को देख हाड़ौती में किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। सुल्तानपुर क्षेत्र के रामनगर गांव में रविवार को एक और किसान हीरालाल बैरागी की बर्बाद फसल देख सदमे से मौत हो गई।

गांव में यह दूसरी मौत है। अब तक हाड़ौती में 12 किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें बूंदी जिले में पांच, कोटा में चार, बारां जिले में तीन किसानों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से किसानों की मौत को रोकने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

ओलावृष्टि से चौपट हुई 22 बीघा गेहूं व धनिये की फसल को लेकर हीरालाल तनावग्रस्त था। वह शनिवार रात गांव के पास स्थित खेत पर जाकर सो गया। सुबह चौपट हुई फसल देखने के लिए वह खेत के चक्कर काटने लगा।

इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो गया। उपचार के लिए सुल्तानपुर चिकित्सालय ले गए, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसको हृदयघात से मृत घोषित कर दिया।
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