वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत के तहत राहत पैकेज के पांचवी किस्त की घोषणा रविवार को की। पांचवी किस्त में सरकार द्वारा उठाए गए सात कदमों में मनरेगा, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित, कारोबार और कोविड, कंपनी एक्ट का गैर-अपराधीकरण, इज ऑफ डूइंग बिजनेस, सार्वजनिक उपक्रम, राज्य सरकार के संसाधन को लेकर थे।
नई दिल्ली. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत के तहत राहत पैकेज के पांचवी किस्त की घोषणा रविवार को की। पांचवी किस्त में सरकार द्वारा उठाए गए सात कदमों में मनरेगा, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित, कारोबार और कोविड, कंपनी एक्ट का गैर-अपराधीकरण, इज ऑफ डूइंग बिजनेस, सार्वजनिक उपक्रम, राज्य सरकार के संसाधन को लेकर थे। इनमें टेक्नोलॉजी ड्रिवन एजुकेशन के लिए भी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत पीएम ई-विद्या को तुरंत लॉन्च किया जाएगा। साथ ही स्वास्थय के लिए 15,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
लैब का नेटवर्क और ज्यादा होगा मजबूत
निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाले दिनों में सभी जिला अस्पतालों में इंफेक्शन डीजीज ब्लॉक बनेगा। रूरल एरिया में अभी लैब नेटवर्क कमजोर है, इसे आगे मजबूत किया जाएगा। ब्लॉक लेवल पर पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण किया जाएगा। वित्तमंत्री ने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में हेल्थ व वेलनेस सेंटर्स की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा।
स्कूलों के लिए होगा दीक्षा प्रोग्राम
इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूल शिक्षा के लिए दीक्षा प्राग्राम होगा। इसमें सभी कक्षाओं के लिए ई-कंटेंट और क्यूआर कोड एनर्जाइज्ड यह वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। इसके अलावा कक्षा 1 से 12 के लिए प्रति क्लास एक चिन्हित टीवी चैनल होगा। जिसमें रेडियो, पॉडकास्ट, कम्युनिटी रेडियो का इस्तेमाल होगा। दिव्यांगो के लिए भी विशेष ई-कंटेंट तैयार किया जाएगा. इसके तहत टॉप 100 विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन कोर्सेज की शुरुआत के लिए 30 मई तक अनुमति दी जाएगी। वही पीएम ई-विद्या के अलावा मनोदर्पण प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। यह छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों के मनोवैज्ञानिक सपोर्ट के लिए होगा।