जयपुर. नगर निगम के नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) वसूली के नोटिस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। व्यापारी विरोध में एकजुट हो रहे हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है। परकोटे के चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार और एमआई रोड सहित कई बाजारों में 100 वर्गगज से छोटे प्रतिष्ठानों को भी नोटिस […]
जयपुर. नगर निगम के नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) वसूली के नोटिस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। व्यापारी विरोध में एकजुट हो रहे हैं और आंदोलन की चेतावनी दी है। परकोटे के चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार और एमआई रोड सहित कई बाजारों में 100 वर्गगज से छोटे प्रतिष्ठानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार वे टैक्स के दायरे में नहीं आते, फिर भी लाखों रुपए का बकाया दिखाकर नोटिस थमाए गए हैं। 20 से 30 वर्गगज के प्रतिष्ठानों को भी 2-2 लाख रुपए के नोटिस मिले हैं।
व्यापारियों ने किशनपोल जोन उपायुक्त से मुलाकात कर इसका विरोध भी दर्ज करवाया, लेकिन कोई समाधान नहीं होने से व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया। व्यापारी मंगलवार को फिर एकजुट हुए और यूडी टैक्स को लेकर दिए गए नोटिस का विरोध किया। त्रिपोलिया बाजार में भी एक साथ 10 से 15 दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं। एमआइ रोड पर जिनको नोटिस दिए गए हैं, इनमें अधिकतर प्रतिष्ठान 100 वर्गगज से कम के हैं। चौड़ा रास्ता में ही 50 वर्ग गज तक के कई प्रतिष्ठानों को यूडी टैक्स के नोटिस दिए हैं।
चौड़ा रास्ता में यूडी टैक्स वसूली को लेकर जो नोटिस दिए गए हैं, उनमें भी मनमर्जी सामने आई है। 100 वर्गगज से कम के अधिकतर प्रतिष्ठानों को अलग-अगल नोटिस दिए गए हैं, जबकि एक नोटिस 6 प्रतिष्ठानों को मिलाकर भी दिया गया है, जबकि इन 6 प्रतिष्ठानों के अलग-अलग मालिक हैं।
कुछ प्रतिष्ठानों को 2007 से यूडी टैक्स बकाया होने का भी नोटिस जारी किया गया है, जबकि व्यापारियों का कहना है कि उन्हें पहले कभी नोटिस जारी नहीं किया गया। कुछ व्यापारियों ने बाद में भी प्रतिष्ठान खरीदे हैं, उन्हें भी पुराना बकाया होने का नोटिस जारी कर दिया गया।
नगर निगम ने स्पैरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को यूडी टैक्स वसूली के लिए टेंडर दे रखा है, कंपनी के प्रतिनिधि गणना कर नोटिस जारी कर रहे हैं।
केस—1
चौड़ा रास्ता दुकान नंबर — 341
दुकान क्षेत्रफल — 21 वर्गगज
नोटिस — 1,99,000 लाख रुपए
केस—2
चौड़ा रास्ता दुकान नंबर — 372
दुकान क्षेत्रफल — 31 वर्गगज
नोटिस — 2,00,000 रुपए
केस—3
त्रिपोलिया बाजार दुकान नंबर — 285
दुकान क्षेत्रफल — 11.11 वर्गगज
नोटिस — 21,692 रुपए
मेरी दुकान 31 वर्ग गज की है, जिसका 2007 से यूडी टैक्स बकाया होने का नोटिस दे दिया है। जबकि मेरा यूडी टैक्स बनता ही नहीं है।
— विजय केडिया, व्यापारी चौड़ा रास्ता
नगर निगम मनमर्जी कर रहा है, जिन प्रतिष्ठानों का यूडी टैक्स नहीं बनता है, उन्हें भी नोटिस जारी कर डराया जा रहा है। अगर निगम ने नोटिस देना बंद नहीं किया तो विरोध स्वरूप आंदोलन किया जाएगा।
— विवेक भारद्वाज, अध्यक्ष चौड़ा रास्ता व्यापार मंडल
राजस्थान सरकार द्वारा नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 102 के तहत 2016 में अधिसूचना जारी की गई। इसके तहत 300 वर्ग गज तक के आवासीय भूखंड, 100 वर्गगज तक के व्यावसायिक और 1500 स्वायर फीट निर्मित क्षेत्रफल के फ्लैट को नगरीय विकास कर मुक्त रखा गया है।
— अशोक सिंह, पूर्व विधि निदेशक, स्वायत्त शासन विभाग
यूडी टैक्स के नोटिस मिलने के बाद व्यापारी आए थे, हम मौका निरीक्षण करेंगे। अगर स्पैरो कंपनी ने गलत नोटिस दिए हैं तो उन्हें संशोधित कर देंगे।
— विजेंद्र सिंह, उपायुक्त, किशनपोल जोन