जल जीवन मिशन : केंद्र ने मंजूर किए 2522 करोड़, पिछले वर्ष मिले थे 1051 करोड़
नई दिल्ली। राजस्थान ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के तहत मौजूदा वित्त वर्ष में 20.69 लाख घरों को नल के पानी का कनेक्शन की योजना बनाई है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 2,522 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। पिछले वर्ष के 1,051 करोड़ रुपए की तुलना में यह काफी बड़ी बढ़ोतरी है।
राज्य की ओर से तैयार कार्यक्रम की वार्षिक कार्य योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे इस मिशन का उद्देश्य 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण घर में प्रति व्यक्ति 55 लीटर पीने योग्य पानी प्रति दिन उपलब्ध कराना है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर राज्य में जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की थी।
इस वर्ष बांटे महज 1.02 लाख कनेक्शन
राज्य में कुल 1.1 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 12.36 लाख परिवारों को पहले ही नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं। 2019-20 में केवल 1.02 लाख नल कनेक्शन प्रदान किए गए।
यह भी है योजना
राजस्थान ने फ्लोराइड, लवणता, नाइट्रेट और आयरन से प्रभावित 5,864 गांवों में रहने वाली 57.77 लाख आबादी को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। राज्य ने दिसंबर, 2020 तक सभी 3,700 फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों में पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। पानी की कमी वाले क्षेत्रों, आकांक्षी जिलों, एससी/एसटी की बहुलता वाले गांवों और संसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाइ) के गांवों पर अधिक जोर दिया जा रहा है।
ये भी होगा मिशन के तहत
पेयजल गुणत्ता जांच के लिए प्रत्येक गांव में पांच महिलाओं को दी जाएगी जांच किट
महिलाओं को जांच किट के उपयोग के लिए किया जाएगा प्रशिक्षित
ग्राम स्तर पर ही प्रशिक्षित किए जाएंगे प्लंबर,बिजली कर्मी, राजमिस्त्री और फिटर
मिशन के तहत कुशल और अकुशल मजदूरों को मिलेगा काम