
जयपुर
चुनावी साल में सरकार ने सहकारिता से जुड़े 29 लाख किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। दीर्घकालीन कृषि ऋण समय से चुकाने वाले किसानों को ब्याज का अनुदान मिलेगा। यानि किसान को सिर्फ 7.50 फीसदी की दर पर ही दीर्घकालीन फसली ऋण मिल सकेगा। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का निर्णय किया है। अब समय पर ऋण का चुकारा करने वाले काश्तकारों को 7.50 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। ब्याज अनुदान की यह योजना 31 मार्च 2019 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत किसान लघु सिचार्इं, कृषि यंत्र एवं कृषि सम्बद्ध गतिविधियों के लिए ऋण ले सकेंगे। किलक ने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर 12.50 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होता है लेकिन अगर किसान समय पर ऋण चुका देता है तो उसे 5 प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का लाभ इस साल 1 अप्रेल से अगले साल 31 मार्च तक ऋण लेने वाले किसानों को मिलेगा।
इन कामों के लिए मिलेगा ऋण
रजिस्ट्रार सहकारिता राजन विशाल ने बताया कि किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसैट, फव्वारा, ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी व हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रेक्टर, कृषि यंत्र, थे्रसर, कम्बाईन हार्वेस्टर समेत अन्य की खरीद के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं।
ये काम भी होंगे योजना में कवर
इतना ही नहीं डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज और प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी व बाउंड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़, बकरी, ***** एवं मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट व बैल गाड़ी क्रय जैसी कृषि संबद्ध गतिविधियों हेतु लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे।
उपज खरीद की गारंटी मिले
जिले के किसान एक बार फिर से आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। एमएसपी घोषित होने के बावजूद उपज की पूर्ण खरीद की गारंटी नहीं होने के साथ ही दूध, सब्जी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं करने से किसानों में नाराजगी है। जयपुर जिले के किसानों में सरकारी अनदेखी से गुस्सा है। किसानों की यह नाराजगी जिले में निकाली जा रही खेत बचाओ, किसान बचाओ यात्रा के 24 वें दिन शुक्रवार को विराटनगर तहसील की भामोद ग्राम पंचायत में हुई किसान सभा में सामने आई।
इस दौरान किसानों ने कहा कि भले ही केन्द्र सरकार ने खरीफ की 14 फसलों का एमएसपी लागत मूल्य का डेढ़ गुना बढ़ा दिया है लेकिन अभी तक किसानों को उपज की संपूर्ण खरीद की गारंटी सरकार ने नहीं दी है। किसान यात्रा के संयोजक डॉ नगेन्द्र सिंह शेखावत का कहना है कि एमएसपी बढ़ाना ही किसानों की समस्या का समाधान नहीं है। जब तक किसानों से एमएसपी पर उनकी पूरी उपज नहीं खरीदी जाएगी तब तक किसानों की आर्थिक हालत में कोई सुधार नहीं होने वाला। आपको बता दें कि खेत बचाओ, किसान बचाओ यात्रा के तहत जयपुर जिले के किसानों से जगह जगह सभा करके संवाद किया जा रहा है।