राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने 1 से 15 अप्रेल के बीच की गई जांच में 7 दवाओं को ‘मानक के अनुरूप नहीं’ (एनएसक्यू) घोषित किया है।
जयपुर। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने 1 से 15 अप्रेल के बीच की गई जांच में 7 दवाओं को ‘मानक के अनुरूप नहीं’ (एनएसक्यू) घोषित किया है। औषधि नियंत्रक ने सभी जिलों के अधिकारियों को इन दवाओं का स्टॉक तत्काल प्रभाव से बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं।
जांच में कुछ दवाओं में प्रभावशीलता कम पाई गई, जबकि कुछ में घुलनशीलता (डिसॉल्यूशन) मानकों के अनुरूप नहीं थी। ये दवाएं सामान्यतः बुखार, संक्रमण, खांसी, एलर्जी और पेट के कीड़ों के उपचार में उपयोग की जाती हैं।
सेफिक्सिम, सेफ्यूरोक्सिम, सिप्रोफ्लॉक्सासिन : बैक्टीरियल संक्रमण
एल्बेंडाजोल : पेट के कीड़े
एम्ब्रॉक्सोल, लेवोसाल्ब्यूटामोल, गुआइफेनेसिन : खांसी एवं श्वसन संबंधी समस्याएं
मिथाइलप्रेडनिसोलोन : सूजन एवं एलर्जी
डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन क्लोरफेनिरामिन : खांसी एवं एलर्जी
बैच : एलएक्सएस3-49
निर्माता : लार्क लेबोरेट्रीज़ (इंडिया), अलवर
बैच : पीजीटी 24427
निर्माता : एफ़ी पैरेंटेरल्स, हिमाचल प्रदेश
बैच : जीएलएफ0712बी
निर्माता: डिजिटल विज़न, हिमाचल प्रदेश
बैच : टी252005
निर्माता : यूनाइटेड बायोसेटिकल्स उत्तराखंड
बैच : टीएलएलएम-188
निर्माता : टक्सा लाइफसाइंसेज, पंजाब
बैच : वीटी252942
निर्माता : वीएडीएसपी फार्मास्यूटिकल्स, हिमाचल प्रदेश
बैच : जीटी 50135
निर्माता : ओमेगा फार्मा, उत्तराखंड