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Rajasthan: सिर्फ किले और महल नहीं, भारत को बाजरा, मार्बल और मेहंदी देने वाला भी है राजस्थान

राजस्थान सिर्फ किलों और महलों की धरती नहीं है। देश के करीब 39% बाजरा, 90% से अधिक मार्बल, बड़ी मात्रा में मेहंदी, खनिज और सीमेंट उत्पादन में भी यह राज्य अग्रणी है। जानिए भारत की अर्थव्यवस्था में राजस्थान का कितना बड़ा योगदान है।

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राजस्थान का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान फोटो। एआइ

Rajasthan: राजस्थान का नाम जब भी आता है तो सबसे पहले दिमाग में कुछ चीजें आती है जैसे किले, महल और रेगिस्तान आदि। लेकिन राजस्थान सिर्फ यहां तक ही सीमित नहीं है। राजस्थान हमारे देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान देता है और साथ ही खेती और व्यापर में भी बड़ी भूमिका निभाता है। कई सारे ऐसे क्षेत्र हैं जहां राजस्थान का योगदान पूरे देश में सबसे अधिक है। इसीलिए राजस्थान अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ उत्पादन और संसाधनों के लिए भी खास पहचान रखता है। आइये राजस्थान की कुछ खास पहचानों और देश में योगदान को समझते हैं-

Rajasthan Ka Bajra: देश का सबसे बड़ा बाजरा उत्पादक

बाजरा उगाने के मामले में राजस्थान देश में सबसे आगे हैं, या कह सकते है पहले स्थान पर है। कृषि के आंकड़ों को देखा जाए तो देश में कुल जीतन बाजरा पैदा होता है उसका 39 प्रतिशत तक हिस्सा राजस्थान में पैदा होता है। राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बाजरे की खेती देखने को मिलती है। यह आंकड़ा वर्ष के हिसाब से बदलता रहता है।

Rajasthan Marble: राजस्थान का संगमरमर

जब भी मार्बल की बात हो और राजस्थान के संगमरमर का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता है। भारत में निकलने वाले संगमरमर का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा राजस्थान में निकलता है। राजस्थान के जिले जैसे राजसमंद, किशनगढ़, उदयपुर और मकराना इस व्यापर के बड़े केंद्र हैं। मकराना का संगमरमर भारत में ही नहीं दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ताजमहल सहित कई फेमस इमारतों में इसका उपयोग हुआ है।

Sojat Mehndi: विदेशों में भी मेहंदी की पहचान

राजस्थान के पाली जिले का सोजत देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मेहंदी के लिए पहचाना जाता है। खासकर भारत में जितनी मेहंदी का इस्तेमाल होता है उसका बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। सोजत मेहंदी को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) भी मिल चुका है, जिसने इसकी पहचान को और मजबूत बनाया है।

Rajasthan Minerals: खनिज संपदा में सबसे आगे

खनिज संपदा के मामले में राजस्थान देश के महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है। जिंक, सीसा, चांदी, जिप्सम, वोलास्टोनाइट, रॉक फॉस्फेट और कई अन्य खनिजों के उत्पादन में राज्य अग्रणी है। देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में भी राजस्थान की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मानी जाती है। यही वजह है कि राज्य को भारत का जरुरी खनिज केंद्र माना जाता है।

Rajasthan Cement: उद्योग को मजबूत आधार

चूना पत्थर के विशाल भंडार होने के कारण राजस्थान देश के बड़े सीमेंट उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में कई प्रमुख सीमेंट संयंत्र संचालित हैं। देश की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता में राजस्थान का हिस्सा भी बड़ा है।

Rajasthan Textile: फैब्रिक हब से पहचान

भीलवाड़ा को देश का प्रमुख सूटिंग फैब्रिक हब माना जाता है। यहां तैयार होने वाला पॉलिएस्टर-विस्कोस और अन्य कपड़ा उत्पाद देश के कई हिस्सों में भेजा जाता है। कपड़ा उद्योग ने भीलवाड़ा को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है।

राजस्थान की पहचान केवल किलों और महलों तक सीमित नहीं है। यह राज्य देश को अनाज, खनिज, मार्बल, मेहंदी, सीमेंट और वस्त्र जैसे कई महत्वपूर्ण संसाधन भी उपलब्ध कराता है।