Development Work: राजधानी जयपुर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से आधुनिक हो रहा है। जयपुर जंक्शन का री-डेवलपमेंट करीब 70 फीसदी पूरा हो चुका है और स्टेशन को सीधे मेट्रो से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
Jaipur Junction Will Connect With Metro Station: राजधानी जयपुर में रेल यात्रियों के लिए सुविधाओं का नया दौर शुरू हो गया है। एक ओर गांधीनगर रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग में यात्रियों की आवाजाही और टिकट बुकिंग शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर जयपुर जंक्शन पर री-डवलपमेंट के तहत बड़े बदलाव आकार ले रहे हैं। बहुत संभव है एक साल बाद जयपुर जंक्शन आधुनिक सुविधाओं के साथ एयरपोर्ट जैसी अनुभूति देने वाला स्टेशन बन जाएगा।
गांधीनगर स्टेशन पर री-डवलपमेंट के बाद नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। बजाज नगर की ओर बनी बिल्डिंग में यात्रियों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। यहां टिकट बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटर भी संचालित हो रहे हैं। एक सप्ताह में वेटिंग एरिया भी शुरू हो जाएगा। स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर और पार्किंग सहित कई अन्य सुविधाएं तैयार हो चुकी हैं।
टोंक रोड की ओर बनी बिल्डिंग में भी इस महीने के अंत तक यात्री सुविधाएं शुरू हो जाएंगी, जहां फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। स्टेशन के कॉनकोर्स पर रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट सहित अन्य सुविधाएं भी अगले दो से तीन महीने में शुरू हो सकती हैं। कुल मिलाकर, टिनशेड से निजात मिलने के बाद यात्रियों को अब बेहतर और व्यवस्थित माहौल मिलने लगा है।
जयपुर जंक्शन पर री-डवलपमेंट का काम 70 फीसदी तक पूरा हो चुका है। सेकंड एंट्री बनकर तैयार है और इसके उद्घाटन की तैयारी चल रही है। मुख्य बिल्डिंग के तहत स्टेशन को मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री बिना बाहर निकले ही ट्रांसपोर्ट बदल सकेंगे।
इस दिशा में गर्डर लॉन्च हो चुके हैं और कॉनकोर्स एरिया भी तैयार हो गया है। स्टेशन को हैरिटेज लुक दिया जा रहा है। यहां बेबी फीडिंग रूम, लाउंज, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल,पार्किंग में ई-चार्जिंग स्टेशन, फास्टैग पार्किंग और बस, कैब व ऑटो के लिए अलग स्टैंड जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दावा है कि अगले साल जून तक यह स्टेशन वर्ल्ड क्लास बनकर तैयार हो जाएगा और यात्रियों को यहां एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेगी।
जयपुर में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में काम हो रहा है। ये सिटी सेंटर की तर्ज पर भी विकसित होंगे। ये बदलाव न केवल यात्रियों के सफर को आसान बनाएंगे, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था को भी नई दिशा देंगे। गांधीनगर लगभग तैयार है और जंक्शन का काम तेजी से चल रहा है।
अमित सुदर्शन, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे