
बायतु क्षेत्र में पैंथर ने बीते 5 दिनों से प्रशासन व वन विभाग की टीम के नाक में दम कर रखा है। 6 मार्च की सुबह गिड़ा क्षेत्र के मालदेता गांव के एक निर्माणाधीन मकान में पैंथर दिखने के बाद शाम को रेस्क्यू टीम उसे पकडऩे पहुंची। पैंथर पकड़ में नहीं आया तो दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन चला। सफलता नहीं मिली तो मंगलवार शाम रेस्क्यू टीम वापस रवाना हो गई, लेकिन बागुंडी के पास पहुंचने पर उन्हें बायतु पनजी में पैंथर की सूचना मिली। यहां भी जब तक टीम पहुंची, पैंथर जा चुका था। बुधवार को पूरे दिन फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन पैंथर के पद चिह्नों के अलावा कुछ नहीं मिला।
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने रेंजर अशोक रतनू के नेतृत्व में बायतु पनजी के धोरों में तलाशी ली। इस दौरान उनके साथ सरपंच खेताराम कामरेड भी रहे। उन्होंने पैंथर के पद चिह्नों के आधार पर खोजबीन की। रेंजर ने बताया कि पद चिह्नों के आधार पर पैंथर ने मंगलवार रातभर लम्बी दूरी तय नहीं की है। बुधवार शाम पैंथर के पैरों के अंतिम निशान बायतु भीमजी ग्राम पंचायत की सरहद में गेहूंवाला स्कूल के पास स्थित टीकूराम की ढाणी के पास मिले। इसके बाद रात हो जाने के कारण टीम निशान नहीं ढूंढ पाई।
जल्द कर दी स्कूल की छुट्टी
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