
Rajasthan CM Bhajan Lal Sharma
राजस्थान में जारी नगर निगम चुनाव 2026 के बीच राजधानी जयपुर की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। सांगानेर सीट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अपना विधानसभा क्षेत्र है, जिसकी वजह से यहां होने वाले नगर निगम चुनाव केवल एक स्थानीय निकाय चुनाव न रहकर सीधे तौर पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की जमीनी साख की परीक्षा बन चुके हैं। सांगानेर में इस बार मुख्य मुकाबला केवल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच पारंपरिक तौर पर सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दर्जनों वार्डों में निर्दलीय और अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशियों ने मैदान में उतरकर मुकाबले को सीधा, त्रिकोणीय और कुछ जगहों पर षड्कोणीय तक बना दिया है।
एक तरफ जहां भाजपा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए अपने पुराने संगठनात्मक चेहरों और पूर्व पार्षदों को फिर से मौका दिया है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने पूर्व प्रत्याशी पुष्पेंद्र भारद्वाज की देखरेख में स्थानीय मुद्दों, खराब सड़कों, जलभराव और ट्रैफिक जाम को लेकर सरकार की नाकामियों को निशाना बनाते हुए अपनी रणनीति तैयार की है।
दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को वार्डवार प्रचार में उतार दिया है। लेकिन स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि वे इस बार केवल वादों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने वाले स्थानीय चेहरों को ही प्राथमिकता देंगे, जिससे सांगानेर के कई प्रमुख वार्डों में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।
सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में टिकट आवंटन के समय से ही राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ था। भाजपा के खेमे में उम्मीदवारों के चयन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी ने सांगानेर के उन पुराने चेहरों पर फिर से दांव लगाया है जो संगठन की पकड़ मजबूत रखते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में पुष्पेंद्र भारद्वाज को पूरी कमान सौंप रखी है। पुष्पेंद्र भारद्वाज लगातार वार्डवार कार्यालयों के उद्घाटन में पहुंच रहे हैं और स्थानीय स्तर पर जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी है। सराफ-कर्णावट प्रकरण की वजह से वार्ड 76 जैसे इलाकों में चुनावी माहौल काफी गरमा गया है, वहीं कई वार्डों में सीधा 'सीएम कनेक्शन' बनाम स्थानीय आक्रोश की जंग देखने को मिल रही है।
सांगानेर, मानसरोवर और न्यू सांगानेर रोड से सटे इलाकों में जनता के लिए इस बार स्थानीय बुनियादी सुविधाएं सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा हैं। क्षेत्र की जनता हर चुनाव में होने वाले नए दावों से अब तंग आ चुकी है।
ट्रैफिक जाम: न्यू सांगानेर रोड और टोंक रोड पर रोजाना लगने वाला भारी ट्रैफिक जाम आम जनता के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
टूटी सड़कें और जलभराव: सांगानेर और मानसरोवर की कॉलोनियों में सड़कों की बदहाली, आए दिन सड़क धंसने और बारिश में जलभराव की गंभीर समस्या बनी रहती है।
सफाई और स्ट्रीट लाइट: कच्ची बस्तियों में सीवरेज लाइन, नियमितीकरण, नालों की सफाई, कचरा प्रबंधन और बंद स्ट्रीट लाइटों की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं।
वार्ड 49: यहां से भाजपा के मुकेश शर्मा 'काका' मैदान में हैं, जो सीधे सीएम के करीबियों में गिने जाते हैं। उनके सामने कांग्रेस के धर्मसिंह सिंघानिया हैं, जो ग्रेटर नगर निगम में सचेतक रह चुके हैं।
वार्ड 47: यह पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर का क्षेत्र रहा है। यहां भाजपा की दीपा नाथावत और कांग्रेस के दामोदर मीणा आमने-सामने हैं। यहां 'आप' के मोहन कायत और 6 निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में डटे हैं।
वार्ड 51: यहां भाजपा के महेंद्र कुमार छीपा का मुकाबला कांग्रेस के मनमोहन गुर्जर से है। मैदान में आम आदमी पार्टी, आरएलपी और दो निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं।
वार्ड 54: भाजपा के कमलकिशोर के सामने कांग्रेस की प्रियंका बैद हैं। वहीं 'आप' की संगीता कुमारी और तीन निर्दलीय प्रत्याशी घनश्याम शर्मा, राजेंद्र पटेल व शंकर शर्मा ने मुकाबला रोचक बना दिया है।
वार्ड 38: भाजपा के गणेशनारायण जाट, कांग्रेस के रामसिंह और आरएलपी के हुकम सिंह चौधरी के बीच मुकाबला है।
वार्ड 39: भाजपा से भंवरलाल, कांग्रेस से अजय और निर्दलीय ताराचंद कुमावत मैदान में हैं।
वार्ड 41: भाजपा के दयासिंह और कांग्रेस के पंकज वर्मा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
वार्ड 43: भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष शैलेंद्र भार्गव का मुकाबला कांग्रेस के आशीष शर्मा से है।
वार्ड 45: भाजपा के जसवंत बैरवा और कांग्रेस के सुभाष चंद्र के बीच मुख्य मुकाबला है, जहां आरएलपी और दो निर्दलीय भी मैदान में हैं।
वार्ड 52 व 53: वार्ड 52 में भाजपा के पूरणचंद माली बनाम कांग्रेस के हनुमान सैनी हैं, जबकि वार्ड 53 में भाजपा के सतीश शर्मा और कांग्रेस के राजीव चौधरी आमने-सामने हैं।
सांगानेर क्षेत्र के आम मतदाताओं का स्पष्ट कहना है कि इस बार नेता केवल खोखले वादे लेकर उनके पास न आएं। जनता चाहती है कि चुनाव जीतने के बाद बुनियादी सुविधाओं का स्थायी समाधान निकाला जाए।
वार्ड 39 निवासी जीवन सीरवी का कहना है कि 'हर चुनाव में नए वादे होते हैं, लेकिन जनता चाहती है कि इस बार घोषणाएं सिर्फ भाषणों तक न रहें। जो कहा जाए, वह जमीन पर भी पूरा हो।' वहीं वार्ड 40 के निवासी अमर सिंह चौधरी का कहना है कि 'चुनाव कोई भी हो, लोगों की प्राथमिकता सड़कें, सीवरेज, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइटें ही हैं। जो प्रत्याशी इनका ठोस समाधान देगा, जनता उसी के साथ खड़ी होगी।'
Updated on:
06 Sept 2026 11:26 am
Published on:
06 Sept 2026 11:26 am
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