करीब 12 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, 10500 करोड़ का वित्तीय भार प्रतिवर्ष
जयपुर . राज्य सरकार ने सोमवार को कर्मचारियों,पेंशनर्स, वर्कचार्ज कर्मियों को सातवां वेतनमान देने से संबंधित विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। केन्द्र की ही तर्ज पर बेसिक पे का 2.57 गुना करके लाभ दिया जा रहा है। विभिन्न पे स्केल्स में करीब 14.22 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ा हुआ वेतन एक अक्टूबर 2017 से दिया जाएगा।
इसके चलते कर्मचारियों को जहां एरियर नहीं दिया जा रहा है, वहीं नोशनल फिक्सेशन भी नहीं किया गया है। वहीं पांचवीं अनुसूची के तहत गलत फिक्सेशन वाले कर्मचारियों का री-फिक्सेशन किया गया। ऐसा करने से सातवें वेतनमान में वेतन कटौती की गई, लेकिन सरकार ने इनको राहत देते हुए कम हुए वेतन को पर्सनल पे से भुगतान करने के आदेश भी जारी किए। नए वेतनमान में न्यूनतम वेतन 17700 तथा अधिकतम वेतन 218600 प्रति माह रहेगा। वित्त विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना में ग्रेड पे को समाप्त कर अब पे मेट्रिक्स लागू की है। इसके तहत चार पे बेंड को लेवल-1 से 24 में विभाजित किया है।
दो स्लैब में एचआरए
13 दिन से था इंतजार
17 अक्टूबर को धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सातवें वेतनमान की घोषणा का तोहफा दिया था। 13 दिन बाद वित्त विभाग ने पूरी एक्सरसाइज करके नोटिफिकेशन जारी किया है।
महासंघ एकीकृत ने किया विरोध
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने सातवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन का विरोध किया है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लेकर राज्य कर्मचारियों को जैसी आशंकाएं थी उसी के अनुरूप राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है ऐसा कर के सरकार ने कर्मचारी संघो से पूर्व में किए केन्द्र के समान वेतन भत्तो के समझौते को भी तोड़ दिया है ।