जयपुर

दो बड़ी भर्ती परीक्षाओं में ब्लूटूथ से नकल करने वाला इनामी अभ्यर्थी गिरफ्तार

Dec 30, 2025
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राजस्थान की सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने दो अलग-अलग सार्वजनिक परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने वाले 25 हजार रुपए के इनामी अभ्यर्थी जितेन्द्र कुमार बिजारणिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा था।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा लिपिक ग्रेड द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती के लिए संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा2022 में 12 मार्च 2023 और 19 मार्च 2023 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में रतनगढ़, चूरू निवासी जितेन्द्र कुमार बिजारणिया (29) का परीक्षा केंद्र राजकीय सर्वहित करणी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, चूरू आया था। जांच में सामने आया कि संगठित नकल गिरोह के मुख्य आरोपी पौरव कालेर ने सालासर क्षेत्र से मोबाइल फोन के जरिए ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से जितेन्द्र को प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए थे।

नकल के लिए स्पेन से मंगवाया था कैमरा
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पौरव कालेर ने सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने के लिए करीब 90 हजार रुपए में स्पेन से एक अत्याधुनिक इनोवा केम ड्रॉप बॉक्स स्पाई कैमरा ऑनलाइन मंगवाया था। परीक्षा तिथि 12 मार्च 2023 को अभ्यर्थी जितेन्द्र उर्फ अक्षय जाट और 19 मार्च 2023 को अभ्यर्थी राजेश कुमार बिजारणियां को यह स्पाई कैमरा देकर परीक्षा केंद्र में भेजा गया। दोनों अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र मिलने के बाद स्पाई कैमरे से प्रश्नों के स्क्रीन शॉट पौरव कालेर को भेजे, जिन्हें उसके सहयोगियों ने सॉल्व कर ब्लूटूथ के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।
एसओजी के अनुसार अभियुक्त जितेन्द्र कुमार बिजारणियां राजस्व अधिकारी ग्रेड द्वितीय एवं अधिशासी अधिकारी (ईओ/आरओ) तथा कनिष्ठ लिपिक (ग्रेड द्वितीय) भर्ती परीक्षा वर्ष 2022 में भी ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल करता पाया गया था। इस प्रकरण में गिरोह के खुलासे के बाद राज्य सरकार ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी थी। एसओजी में मामला दर्ज होने के बाद टीम ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Updated on:
30 Dec 2025 10:07 pm
Published on:
30 Dec 2025 10:07 pm