जयपुर

जयपुर में आठ दिन से ब्रेड और नमकीन खाकर गुजारा कर रहा आस्ट्रिया नागरिक, तबियत बिगड़ी

आस्ट्रिया से जयपुर आए दो सप्ताह हुए, लॉकडाउन की वजह से नहीं जा सका अपने देश, होटल नहीं मिला तो दोस्त ने अपने स्टूडियो में दी पनाह
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अविनाश बाकोलिया / जयपुर. यह है 78 वर्षीय डीटर कुंज। पेशे से मूर्तिकार हैं। आस्ट्रेलिया से आए इस कलाकार को जयपुर आए दो सप्ताह से ज्यादा हो गया। होटल रहने के लिए कमरा नहीं दे रहे हैं। लोकडाउन के चलते डीटर अपने दोस्त के स्टूडियो में अकेले रह रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि यह विदेशी कलाकार आठ दिन से ब्रेड और नमकीन खाकर ही गुजारा कर रहा है। अकेले रहते-रहते कलाकार की तबीयत खराब हो गई है। डीटर चाहते हैं कि उन्हें प्रशासन कोई होटल की व्यवस्था करवा दें, ताकि वे यहां आराम से रह सके या अपने दोस्तों के पास उत्तराखंड भिजवा दें। डीटर के मूर्तिकार दोस्त लक्ष्मीनारायण नागा ने बताया कि 5 मार्च को डीटर आस्ट्रिया से दिल्ली पहुंचे।

दिल्ली से कार से दोनों उत्तराखंड के उधमसिंह नगर स्थित कलियावाला गांव में टेलर्स आर्ट एकेडमी आर्ट फेस्टिवल में शामिल होने गए। फेस्टिवल में डीटर के कुछ दोस्त भी आए थे। वहां से 12 मार्च को कार से दोनों जयपुर पहुंचे। जयपुर आने के बाद डीटर डीसीएम स्थित एक होटल में रुक गए। डीटर दिन में अपने दोस्त के नारायण विहार स्थित प्ले विद क्ले स्टूडियो में मूर्ति बनाते और रात को होटल चले जाते।

होटल से कमरा खाली कराया
लक्ष्मीनारायण ने बताया कि 21 मार्च को होटल वाले ने डीटर का कमरा खाली करवा दिया। कहीं कमरा नहीं मिला तो उसने अपने स्टूडियो में जगह दे दी। डीटर की 25 मार्च की फ्लाइट थी, जो लॉकडाउन के चलते रद्द हो गई। लक्ष्मीनारायण बगरू स्थित बोराज निवासी है। घर स्टूडियो से करीब चालीस किलोमीटर दूर है। रोजाना अपने दोस्त के पास आना संभव नहीं है। रोजाना पास बनवाना भी मुश्किल है।

एम्बेसी भी नहीं करवा रही होटल का इंतजाम
डीटर ने बताया कि उसने कई बार एम्बेसी को होटल की व्यवस्था करवाने के लिए ई-मेल किया। लेकिन व्यवस्था नहीं हुई। आठ दिन हो गए टीन-शेड में रहते हुए हालात बिगड़ गई है। लक्ष्मीनारायण ने सोमवार को इसकी सूचना मानसरोवर थाना पुलिस को दी। पुलिस विदेशी कलाकार के पासपोर्ट की फोटो मोबाइल पर लेकर चली गई।

Published on:
31 Mar 2020 08:00 am