जयपुर

प्रदूषण रोकने के लिए होगा बड़ा काम, राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की जरूरत

जयपुर. एनसीआर राजस्थान के तहत आने वाले अलवर, भरतपुर व भिवाड़ी क्षेत्रों के लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनानी होगी। मीयावाकी तकनीक से पौधरोपण करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग को बढ़ाने व सफाई में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने की जरूरत है। यह आवश्यकता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु […]

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Jan 28, 2026

जयपुर. एनसीआर राजस्थान के तहत आने वाले अलवर, भरतपुर व भिवाड़ी क्षेत्रों के लिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनानी होगी। मीयावाकी तकनीक से पौधरोपण करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग को बढ़ाने व सफाई में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने की जरूरत है। यह आवश्यकता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताई है। उन्होंने प्रदूषण रोकने के लिए एक विशेष राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने के लिए भी कहा है।

उन्होंने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान वायु प्रदूषण नियंत्रण, प्रबंधन व अन्य पर्यावरणीय उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी शहरों के वार्षिक सिटी एक्शन प्लान पर चर्चा करते हुए उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीइएमएस) एवं एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेस (एपीसीडी) की स्थापना करने के लिए निर्देश दिए। बैठक में सीएक्यूएम व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी दिए निर्देश

  • संपूर्ण सड़क की चौड़ाई पर पैविंग व हरित पट्टी का निर्माण आगामी 2 वर्षों में करना होगा।
  • भविष्य की जरुरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से ही ईवी चार्जिंग इन्फ्रा के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
  • एएनसीआर क्षेत्रों में डीजल ऑटो रिक्शा को 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध रूप से हटाने की दिशा में संबंधित विभागों से चर्चा की।
Published on:
28 Jan 2026 12:02 pm
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