‘पत्रिका’ के कुछ जागरूक पाठकों ने आपबीती साझा की, जिसमें उन्होंने ठगों के जाल से बचने के अनुभव बताए।
Patrika Raksha Kavach: साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जागरूकता और सतर्कता के जरिये इनसे बचा जा सकता है। ‘पत्रिका’ के कुछ जागरूक पाठकों ने आपबीती साझा की, जिसमें उन्होंने ठगों के जाल से बचने के अनुभव बताए। उन्होंने बताया कि ‘पत्रिका’ में लगातार प्रकाशित होने वाले साइबर सुरक्षा से जुड़े लेख पढऩे के चलते वे सतर्क रहे और ठगी से बच पाए। इन्होंने कॉल करने वाले के नंबर का स्क्रीन शॉट भी उपलब्ध करवाया।
जगतपुरा निवासी शरद शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह उन्हें वाट्सऐप कॉल आया। कॉलर की डीपी पर पुलिस अधिकारी की तस्वीर थी। कॉल करने वाले ने कहा, ‘आपके बेटे को उसके तीन दोस्तों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के कागजात बन रहे हैं। तुम चाहो तो बेटे का भविष्य खराब होने से बचा सकते हैं।’ शरद ने सतर्कता दिखाते हुए पूछा, ‘मेरे तो 16 बेटे हैं, बताओ कौनसे बेटे को गिरफ्तार किया है? यह सुनते ही ठग ने फोन काट दिया।
न्यू सांगानेर रोड स्थित विवेक विहार निवासी महेश कुमार को भी इसी तरह की वाट्सऐप कॉल आई। कॉलर ने कहा कि ‘चार लड़कों को रेप केस में पकड़ा है, उनमें से एक खुद को आपका बेटा बता रहा है। बात करके इसे बचाया जा सकता है।’ महेश ने तुरंत जवाब दिया, ‘मेरे तो बेटा ही नहीं है।’ यह सुनते ही ठग ने फोन काट दिया।