सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक अनोखे मामले में 34 वर्षीय युवक के पेट से घड़ी, नट-बोल्ट और अन्य वस्तुएं निकालकर उसे नया जीवन दिया है।
जयपुर। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के सर्जरी विभाग ने एक अनोखे मामले में 34 वर्षीय युवक के पेट से घड़ी, नट-बोल्ट और अन्य वस्तुएं निकालकर उसे नया जीवन दिया है। खास बात है कि, तीन घंटे की जटिल सर्जरी में वीडियो असिस्टेड थोरेसिस सर्जरी (वीएटीएस) तकनीक का उपयोग किया गया है। सर्जरी के बाद मरीज ही हालत ठीक बताई जा रही है।
इस संबंध में सर्जरी विभाग की यूनिट हेड डॉ. शालू गुप्ता ने बताया कि 9 अक्टूबर को नागौर निवासी मरीज को परिजन इमरजेंसी में लेकर आए। मरीज को पेट दर्द और खाने-पीने में तकलीफ थी। जांच में पता चला कि उसकी आहार नली में घड़ी, बड़ी आंत में लोहे के टुकड़े और नट-बोल्ट फंसे थे। पहले इंडोस्कोपी से वस्तुओं को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन दो प्रयासों में सफलता नहीं मिली। इसके बाद वीएटीएस तकनीक से पेट में छोटा चीरा लगाकर घड़ी और अन्य वस्तुएं निकाली गईं।
चिकित्सकों ने बताया कि मरीज कुछ महीनों से मानसिक रूप से अस्वस्थ था, जिसके चलते उसने ऐसी चीजें निगल लीं। परिजनों को पेट की समस्या की शिकायत पर अस्पताल लाना पड़ा, जहां यह स्थिति सामने आई। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
सर्जरी में डॉ. शालू गुप्ता के नेतृत्व में डॉ. फारूख खान, डॉ. अमित गोयल, डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. नवेंदु अग्रवाल, डॉ. प्रवीण जोशी, डॉ. रोहन, डॉ. अनुष्का और डॉ. मयूर समेत विभाग के कई अन्य चिकित्सक भी शामिल थे।