
जयपुर. 14 अप्रैल 2021 को बुधवार का दिन है और चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि है। आज चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन है और इस दिन मां बृह्मचारिणी की पूजा—अर्चना की जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि आज दोपहर 3.50 तक भरणी नक्षत्र रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। बुधवार को पहले भरणी नक्षत्र होने से काण नाम का अशुभ योग और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र होने से सिद्धि नाम का अशुभ योग बन रहा है। इसके अलावा शाम 4 बजकर 14 मिनट तक प्रीति योग रहेगा। इसके साथ ही सारे काम बनाने वाला सर्वार्थसिद्धि योग शाम 5 बजकर 27 मिनट से अगली सुबह सूर्योदय तक रहेगा। आज देवी दुर्गा की उपासना करें, जरूरतमंदों को दान दें।
चैत्र शुक्ल, द्वितीया, बुधवार, विक्रम संवत् 2078।
राष्ट्रीय मिति चैत्र 24, शक संवत् 1943
सौर वैशाख मास प्रविष्टे 02, रमजान 01, हिजरी 1442 ।
सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु।
चन्द्रमा अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 10 मिनट तक मेष उपरांत वृष राशि पर संचार करेगा।
द्वितीया तिथि मध्याह्न 12 बजकर 48 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ
भरणी नक्षत्र सायं 05 बजकर 23 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ।
प्रीति योग सायं 04 बजकर 14 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ
कौलव करण मध्याह्न 12 बजकर 48 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ।
दिशाशूल: उत्तर दिशा
आज विशेष – मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, मेष संक्रांति, रमजान मास प्रारंभ
सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 05 बजकर 23 मिनट से अगली सुबह 05 बजकर 56 मिनट तक।
सूर्योदय 14 अप्रैल: सुबह 05 बजकर 56 मिनट पर।
सूर्यास्त 14 अप्रैल: शाम 06 बजकर 46 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्तः
अमृत काल सुबह 11 बजकर 58 मिनट से 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
गोधूलि बेला शाम 06 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 57 मिनट तक।
निशीथ काल मध्यरात्रि 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्तः
यमगंड सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक रहेगा।
गुलिक काल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक रहेगा।
राहुकाल दोपहर 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।