
कुछ ऐसा होगा द्रव्यवती नदी पर बनने वाला एलिवेटेड रोड। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजधानी जयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्रव्यवती नदी पर 36 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इसके बाद जयपुर शहर में कहीं भी आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी। अगले वर्ष अपनी स्थापना के ऐतिहासिक 500 वर्ष पूरे करने जा रहे सांगानेर को आधुनिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक भव्यता देने की बड़ी कवायद शुरू हो गई है।
सांगानेर की ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने क्षेत्र के संघी जी जैन मंदिर और सांगा बाबा मंदिर सहित कुल 115 प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौदर्याकरण और जीर्णोद्धार की नींव रखी है। इस कायाकल्प पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बुधवार को आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 631 करोड़ रुपए के 1531 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि द्रव्यवती नदी के बहाव क्षेत्र में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का काम जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा। जेडीए अधिकारियो की मानें तो टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। डीपीआर बनाने में 5.5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मजार डैम से लेकर गोनेर से आगे रिंग रोड तक के हिस्से का सर्वे करवाया जाएगा।
करीब 36 किलोमीटर लंबा छह लेन एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब छह हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सिंगल पिलर तकनीक पर बनने वाला यह एलिवेटेड रोड शहर के प्रमुख यातायात कॉरिडोरों को आपस में जोड़ेगा। इसके बनने से सीकर रोड, अजमेर रोड और टोंक रोड के बीच निर्बाध आवागमन संभव होगा। शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाले चौराहों और मुख्य मार्गों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जयपुर-भीलवाड़ा रोड के मुहाना मोड जंक्शन पर 124 करोड़ की लागत से बनने वाले फ्लाईओवर, बंबाला क्षेत्र में सीवरेज कार्य के लिए 88 करोड़ रुपए से एसटीपी, पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल और भांकरोटा में ट्रोमा सेंटर के निर्माण की नींव रखी गई। सड़क, सामुदायिक भवन, सीवर लाइन, पार्क, नालों का निर्माण, मोक्षधाम, मंदिर, स्कूल-स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े कार्यों का शुभारंभ। सीवरेज सफाई के लिए सुपर सकर मशीन तथा स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के प्रति जनजागरुकता के लिए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश में पहली बार जयपुर में कचरा उठाने की 5 अत्याधुनिक मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनें लाई गई हैं, जो फुटपाथों, संकरी गलियों और ट्रांसफार्मर के नीचे से भी प्रभावी ढंग से कचरा उठाएंगी।
Published on:
25 Jun 2026 08:10 am
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