जयपुर

अभिषेक आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है : साध्वी भव्यगुणा

Aug 06, 2026
Rajasthan

मुंबई. ठाकुरद्वार जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में आयोजित चातुर्मास के दौरान आदेश्वर भवन में विराजित साध्वी भव्यगुणा ने प्रवचन देते हुए कहा कि अभिषेक आत्मा की चेतना का आध्यात्मिक प्रकृति से मिलन है। यह उस तप का प्रतीक है, जो व्यक्ति को स्वयं की प्राप्ति और परमात्मा से एकाकार होने की दिशा में अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि अभिषेक की प्रक्रिया साधक को नकारात्मकताओं, भ्रमों और सीमाओं से मुक्त कर आत्मस्वरूप के निकट ले जाती है। साध्वी ने अभिषेक में प्रयुक्त प्रत्येक सामग्री का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि दूध पोषण और सकारात्मकता, चंदन आत्मशुद्धि, दही जीवन के श्रेष्ठ अनुभवों को संजोने, घी मोक्ष की साधना, शक्कर-मिश्री अनुकूलन और वैरभाव समाप्त करने, जबकि इक्षुरस ज्ञान एवं नवीन अनुभवों को स्वीकार करने का प्रतीक है। कार्यक्रम में आदेश्वर परमात्मा के 108 अभिषेक का लाभ दुर्गा देवी-महेंद्र कुमार परिवार ने प्राप्त किया। हसमुख जैन ने इसकी जानकारी दी। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। अंत में ललित जैन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

Updated on:
06 Aug 2026 06:01 am
Published on:
06 Aug 2026 06:01 am