प्रदेश में नकली दवा विक्रेताओं की धरपकड़ तेज होगी। इसके लिए औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 11 फरवरी से शुरू होगा। औषधि नियंत्रण विभाग की टीमें मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं, दवा गोदामों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी करेंगी। ड्रग आयुक्त एच. गुइटे के निर्देशन में एक सप्ताह तक चलेगा।
— औषधि नियंत्रण विभाग की टीमें मेडिकल स्टोर्स, दवा गोदामों पर करेगी जांच
— नकली दवा मिलने पर होगी बेचने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
जयपुर। प्रदेश में नकली दवा विक्रेताओं की धरपकड़ तेज होगी। इसके लिए औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 11 फरवरी से शुरू होगा। औषधि नियंत्रण विभाग की टीमें मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं, दवा गोदामों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी करेंगी। ड्रग आयुक्त एच. गुइटे के निर्देशन में एक सप्ताह तक चलेगा। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में नकली, मिलावटी और अवैध दवाओं के उत्पादन, भंडारण और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
बाजार में बिकने वाली नकली दवा को रोकने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग का यह अभियान अहम माना जा रहा है। नकली दवाओं के कारण लोगों की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचता है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी सहायक औषधि नियंत्रकों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान नकली दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय और भंडारण में लिप्त संस्थानों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं और दोषियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि कोई दवा निर्माता या विक्रेता इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।