
जयपुर। जयपुर और टोंक में अब बिजली उपभोक्ता को आसानी से हर घंटे पता चल सकेगा कि उन्होंने अपने घर में कितनी बिजली का उपभोग किया है। वहीं डिस्कॉम को भी पता चल सकेगा कि कोई उपभेक्ता किसी अन्य तरीके से बिजली चोरी तो नहीं कर रहा है। इस नई व्यवस्था के लिए जयपुर डिस्कॉम जल्द ही स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
पहले चरण में जयपुर व टोंक जिले का चयन किया है और लगभग दो लाख स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। जयपुर शहर के पांच सब डिवीजन कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। विद्युत निगम के जयपुर सिटी सर्कल में 6 लाख 69 हजार 462 घरेलू बिजली कनेक्शन हैं। वहीं शुरुआत में एक लाख बिजली के स्मार्ट मीटर प्रायोगिक तौर पर लगाए जाएंगे।
इस समय जयपुर जिले के बाहरी इलाकों और टोंक जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी और लॉस देखा जा रहा है। वहीं यहां बिजली उपभोग को लेकर भी उपभोक्ताओं की शिकायत अधिक आती है। इसलिए डिस्कॉम ने योजना बना कर केन्द्र सरकार को भेजी थी। दोनों ही जगह लगभग दो लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर से प्रतिदिन उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा कि दिनभर में कितना बिजली उपभोग किया।
छेड़ा या करंट आया तो होगा बंद
वहीं स्मार्ट मीटर डिस्कॉम को भी यह बताते रहेंगे कि किस उपभोक्ता के घर में किस महीने बिजली का बिल ज्यादा आया और किस महीने कम। इस मीटर में छेड़छाड़ करने पर यह अपने आप बंद हो जाएगा। यही नहीं अगर बिजली की लाइनों में करंट आया तो भी मीटर बंद हो जाएगा। स्मार्ट मीटर लगाने के लिए केन्द्र सरकार 60 फीसदी बजट देगी और 40 फीसदी बजट राज्य सरकार वहन करेगी। मार्च के अंत तक स्मार्ट मीटर के टेंडर जयपुर डिस्कॉम कर देगा।
इन सब डिवीजनों में लगेंगे स्मार्ट मीटर
सिटी सर्कल के भांकरोटा, मुरलीपुरा, आमेर, जगतपुरा और झोटवाड़ा सब डिवीजन कार्यालय क्षेत्र के घरेलू बिजली कनेक्शनों में डिस्कॉम स्मार्ट मीटर लगाएगा। प्रयोग सफल रहा तो सिटी सर्कल के शेष सब डिवीजनों में भी बिजली स्मार्ट मीटर लगाने के प्रस्ताव तैयार होंगे।
सिटी सर्कल के पांच सब डिवीजनों से स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत होगी। मीटरों की परफॉर्मेंस की रिपोर्ट के परीक्षण के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
- अजीत सक्सेना, एसई,सिटी सर्कल, जेवीवीएनएल