
न्याय-कर्मफल के देवता और कुंडली में विशेष प्रभावी माने जाने वाले शनिदेव 30 साल बाद एक बार फिर से 17 जनवरी को शाम 6.04 बजे राशि चक्र पूरा कर अपनी ही दूसरी राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इसका वैश्विक स्तर पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष में शनि को एक क्रूर ग्रह माना गया है। शनि वर्तमान में मकर राशि में हैं और शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही कई राशियों पर भी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी। जबकि कुछ राशियों को इन दशाओं से मुक्ति भी मिलेगी।
शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने के बाद धनु, मेष और कन्या राशि के जातकों को लाभ होने की संभावना प्रबल है। इस दौरान इन राशियों के जातकों को शनि विशेष शुभदृष्टि वाला रहेगा। आर्थिक से लेकर व्यापारिक और यात्राओं के लिए आगामी समय अनुकूल रहेगा।
यह रहेगा असर
ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि शनि मकर से स्वराशि कुंभ में 17 जनवरी को आर्थिक-वैवाहिक कारक ग्रह बृहस्पति मेष राशि में 22 अप्रेल से प्रवेश करेंगे। ऐसे में वर्ष 2023 विश्व स्तर पर कई चुनौती सामने रहेगी। शनि स्वग्रही होने से कोयला, तेल, पेट्रोल में महंगाई के साथ ही युद्ध के हालात पैदा हो सकते हैं।
युद्ध, तनाव, भूकंप
देव गुरु 22 अप्रेल मंगल के राशि में प्रवेश करने से युद्ध, तनाव, भूकंप, प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा देंगे। यूरोपीयन देश चीन, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, विभिन्न यूरोपीय देशों में तनाव का माहौल रहेगा। इसके साथ ही महंगाई का असर 17 जून से नवंबर तक शनि के वक्री होने से हावी रहेगा। इसके साथ ही विश्व में सभी मामलों में भारत का प्रभुत्व जारी रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से भारत साम्प्रदायिक माहौल बनाएगा। वहीं कई मोर्चे पर सरकार के समक्ष चुनौती रहेगी। रियल एस्टेट में मंदी और सोना—चांदी में तेजी रहेगी। राजनीतिक उथल पुथल विशेष होगी। अन्य देशों के मुकाबले भारत की साख सभी क्षेत्रों में बढ़ेगी।