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Jaspal Rana Passes Away: राजस्थान के निशानेबाजों के मार्गदर्शक थे जसपाल राणा, जयपुर के शूटिंग रेंज से था ख़ास जुड़ाव

भारतीय शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में दुखद निधन। म्यूनिख से लौटते समय आया हार्ट अटैक। जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज और मरुधरा के निशानेबाजों से था उनका गहरा नाता।

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Jaspal Rana Passes Away Indian Shooting Legend Rajasthan Connection Jagatpura Range

Jaspal Rana- File PIC

भारतीय खेल जगत से आज एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। भारत के सबसे महान, सम्मानित और कॉमनवेल्थ व एशियाई खेलों के मल्टीपल गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज जसपाल राणा का असमय निधन हो गया है। जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित प्रतिष्ठित आईएसएसएफ (ISSF) वर्ल्ड कप से अपनी टीम और खिलाड़ियों के साथ नई दिल्ली वापस लौटते समय फ्लाइट के भीतर उन्हें अचानक गंभीर रूप से दिल का दौरा पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें तुरंत साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। जसपाल राणा का मात्र 49 वर्ष की उम्र में इस तरह अचानक चले जाना पूरे भारतीय खेल इतिहास के लिए एक अपूर्णनीय क्षति है। वर्तमान दौर में वे भारतीय शूटिंग के सबसे बड़े द्रोणाचार्य और हाई-परफॉर्मेंस पिस्टल कोच के रूप में देश के लिए काम कर रहे थे।

ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर जैसी वर्ल्ड क्लास सुपरस्टार्स को अंतरराष्ट्रीय पदकों तक पहुंचाने के पीछे जसपाल राणा की कड़ी मेहनत और मास्टरमाइंड कोचिंग ही थी। उनके निधन की खबर से राजस्थान की खेल राजधानी जयपुर से लेकर देश के कोने-कोने में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।

राजस्थान के निशानेबाजों के मार्गदर्शक थे जसपाल

जसपाल राणा का पैतृक नाता भले ही उत्तराखंड और दिल्ली से रहा हो, लेकिन एक कोच और मार्गदर्शक के रूप में उनका राजस्थान की माटी और यहाँ के उभरते हुए निशानेबाजों के साथ एक बेहद गहरा और अटूट रिश्ता था। वे भारतीय जूनियर नेशनल टीम के मुख्य कोच के रूप में वर्षों तक कार्य करते रहे।

इस लंबे कोचिंग सफर के दौरान उन्होंने राजस्थान के कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पिस्टल शूटरों को करीब से निखारा था। जब भी नई दिल्ली या अन्य राष्ट्रीय कैंपों में राजस्थान के युवा निशानेबाज अपनी कला को सुधारने पहुंचते थे, तब जसपाल राणा अपनी तकनीकी बारीकियों और मानसिक दृढ़ता के गुर सिखाकर उन टैलेंटेड युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार करते थे। राजस्थान के कई दिग्गज निशानेबाजों ने आज उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपना सच्चा गुरु और खेल का सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया है।

कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से थे बेहद करीबी और गहरे संबंध

जसपाल राणा के संबंध राजस्थान के सबसे बड़े खेल आइकॉन, ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ बेहद करीबी, दोस्ताना और सम्मानजनक थे। इन दोनों समकालीन दिग्गजों ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के झंडे तले भारत में खेल प्रशासन को सुधारने, निशानेबाजी को जमीनी स्तर तक ले जाने और देश में नए शूटिंग रेंजेस का जाल बिछाने के लिए लंबे समय तक एक साथ मिलकर काम किया था। जसपाल राणा के चले जाने से आज कर्नल राज्यवर्धन सहित राजस्थान के खेल संघों के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी पूरी तरह से स्तब्ध हैं।

जयपुर के जगतपुरा शूटिंग रेंज से था पुराना जुड़ाव

राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित जगतपुरा शूटिंग रेंज को आज पूरे भारत के सबसे बेहतरीन और विश्वस्तरीय शूटिंग परिसरों में गिना जाता है। इस रेंज को आधुनिक बनाने और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के पीछे भी जसपाल राणा का तकनीकी दिमाग और अनुभव शामिल रहा था।

अपने लंबे खेल और कोचिंग करियर के दौरान जसपाल राणा ने कई बार जयपुर का दौरा किया था। वे जयपुर में आयोजित होने वाली नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप और भारतीय टीम के चयन ट्रायल्स के सिलसिले में अक्सर हफ्तों तक जयपुर में ही रुका करते थे।

इन दौरों के दौरान वे राजस्थान राइफल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय खेल प्रशासकों के साथ लंबी बैठकें करते थे। जसपाल राणा ने रेंज की लाइटिंग, इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम और हवा के रुख को समझने वाले तकनीकी बुनियादी ढांचे को अपडेट करने के लिए कई महत्वपूर्ण और स्वतंत्र सुझाव दिए थे, जिन्हें समय-समय पर धरातल पर उतारा गया।

मरुधरा की धरती पर लहराया था जीत का परचम

एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का तिरंगा शान से लहराने और वैश्विक स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने से काफी पहले जसपाल राणा ने भारतीय डोमेस्टिक स्पोर्ट्स पर अपनी शुरुआत की थी। इसी घरेलू सफर के दौरान उनका नाता राजस्थान की विभिन्न खेल स्पर्धाओं से जुड़ा।

अपने शुरुआती दिनों में, यानी 1990 के दशक और फिर 2000 के शुरुआती वर्षों में जसपाल राणा ने राजस्थान के विभिन्न शहरों में आयोजित ऑल-इंडिया जी.वी. मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप और नॉर्दर्न रीजनल टूर्नामेंट्स में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

उन्होंने राजस्थान की धरती पर हुई इन घरेलू प्रतियोगिताओं में अपनी पसंदीदा श्रेणियों, जैसे 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल और स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट्स में कई बार पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीते थे। पुराने खेल प्रेमियों के अनुसार, जयपुर और राजस्थान की रेंज पर उनका सटीक निशाना हमेशा देखने लायक होता था।

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