गरमाई हुई है अलवर पॉलिटिक्स, सांसद-पूर्व मंत्री और विधायक के बीच हो रही बयानबाजी, एक-दूसरे पर ‘वार-पलटवार’ का सिलसिला परवान पर, अब जोश में होश खो बैठे बहरोड़ विधायक बलजीत यादव, सांसद महंत बालकनाथ और पूर्व मंत्री जसवंत सिंह पर किया पलटवार, जोशीले भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर भी हो रहा वायरल
जयपुर।
प्रदेश के अलवर में सियासी पारा गर्माया हुआ है। यहां सांसद महंत बालकनाथ, पूर्व मंत्री जसवंत सिंह और बहरोड़ विधायक बलजीत यादव के बीच एक-दूसरे पर बयानी वार का सिलसिला जारी है। अब सांसद और पूर्व मंत्री के बयान पर विधायक बलजीत यादव ने पलटवार किया है। यादव ने जहां सांसद को भगवा वस्त्र में फर्जी साधु करार दे डाला है तो वहीं पूर्व मंत्री को मैदान में दौड़ लगाकर जीतने की चुनौती दे डाली है।
विधायक की ओर से सांसद और पूर्व मंत्री के खिलाफ दिए बयान का वीडियो भी सामने आया है, जो फिलहाल सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सभा के दौरान विधायक यादव ने सांसद बालकनाथ और पूर्व मंत्री के खिलाफ जोशीला भाषण दिया। कोरोना काल के बावजूद हुई भरी सभा में उन्होंने सांसद और पूर्व मंत्री का अलग-अलग नाम लेकर पर कई आरोप भी लगाए।
‘भगवा वस्त्र में फर्जी साधू हैं महंत’
विधायक बलजीत यादव ने अपने भाषण के दौरान जोश में होश खोते दिखाई दिए। उन्होंने सांसद महंत बालकनाथ को भगवा वस्त्र में फर्जी साधु बताया। विधायक ने कहा 'बालकनाथ खुद को योगी कहते हैं। मैं सबके बीच में कहता हूं। हम दोनों बहरोड़ के ग्राउंड पर दौड़ लगाएंगे। पता लग जाएगा कौन फर्जी, कौन योगी है। दौड़ में पीछे नहीं हटूंगा। सांसद को चक्कर खिला दूंगा। महाराजजी.. सन्यासी वो बनता है जिसका जीवन जनता के लिए होता है। आप तो भगवा वस्त्र में फर्जी साधू हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों बहरोड़ नगर पालिका चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सांसद बालकनाथ और बहरोड़ एसीचओ के बीच बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बालकनाथ ने एसएचओ को विधायक के चमचे तक कह दिया था।
पूर्व मंत्री को भी दे डाली चुनौती
भाषण के दौरान विधायक बलजीत यादव ने पूर्व मंत्री जसवंत यादव को भी ताकत आजमाने के लिए मैदान में दौड़ लगाने की खुली चुनौती भी दे डाली। विधायक ने कहा कि ‘जसवंत सिंह ग्राउंड में आकर ताकत आजमा लें। बेहोश नहीं कर दिया तो राजनीति छोड़ दूंगा।'
यादव का बयान कुछ दिन पहले जसवंत यादव के दिए एक बयान के बाद आया है। पूर्व मंत्री ने विधायक को लाठी से लड़कर ताकत आजमाने की चुनौती दे डाली थी।