
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर जिले में प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले प्रदेश का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, एआईसीसी महासचिव और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का अलवर आगमन पर स्वागत करते हुए कई गंभीर और तीखे सवाल दागे हैं। भंवर जितेंद्र सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में अलवर जिले में लगातार बढ़ते अपराध, दिनदहाड़े हो रही हत्याओं, डकैतियों और स्थानीय युवाओं के रोजगार संकट का मुद्दा उठाते हुए केंद्र और राज्य सरकार की सीधी जवाबदेही तय करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अलवर की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किन कारणों से इस प्रमुख औद्योगिक और ऐतिहासिक जिले को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया गया है। भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने प्रशासनिक और गृह मंत्रालय के अनुभव का हवाला देते हुए गृह मंत्री से अलवर के विकास और राष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने का आग्रह किया है।
अपने बयान में भंवर जितेंद्र सिंह ने अलवर जिले की वर्तमान स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि अलवर में बहन-बेटियों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। आए दिन हो रही डकैती और हत्या की घटनाओं से आमजन में भय का माहौल है। जिले में औद्योगिक और सर्विस सेक्टर का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है, जिसके कारण अलवर का युवा छोटे-मोटे काम की तलाश में बाहर पलायन करने को मजबूर है।
पूर्व मंत्री ने मांग की कि मंच से केवल भाषण देने के बजाय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय सांसद को अलवर की इस बदहाली और प्रशासनिक तंत्र की विफलताओं पर अपनी बात रखनी चाहिए।
यूपीए (UPA) सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके भंवर जितेंद्र सिंह ने विषय की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए दिल्ली के घटनाक्रम पर भी केंद्रीय नेतृत्व को घेरा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान मैं स्वयं केंद्र में गृह राज्य मंत्री रहा हूं, इसलिए विषय की गंभीरता को अच्छी तरह समझता हूं। करीब महीनेभर पहले दिल्ली में निर्दोष छात्रों और युवाओं पर हुई हिंसा और पैलेट गन व आंसू गैस का इस्तेमाल किसके इशारे पर हुआ? इन महत्वपूर्ण सवालों से बचने के लिए गृह मंत्री 20 दिनों तक संसद से क्यों दूर रहे और मानसून सत्र में देश के आम नागरिकों के पैसों की बर्बादी क्यों हुई? अलवर की जनता और देश के युवा इन सभी सवालों के स्पष्ट जवाब चाहते हैं।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अलवर दौरा है, जहां उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, स्थानीय सांसद और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, दौरे से ठीक पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह द्वारा उठाए गए इन तीखे सवालों ने जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा और बहस को तेज कर दिया है।