https://www.patrika.com/rajasthan-news/
जयपुर। जयपुर से एक बड़ी खबर है। आनंदपाल एनकाउंटर मामला से जुड़े 7 केस वापस लिए जाएंगे। मामले को लेकर गठित कमेटी ने इसकी सिफारिश की है। माना जा रहा है कि सरकार को राजपूत वोट बैंक खिसकने का डर है। इसलिए राजपूतों को मनाने के लिए सारी जद्दोजहद की जा रही है। दरअसल, राजपूत समाज परंपरागत रूप से बीजेपी का एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में राजपूत समाज के एक वर्ग ने भारतीय जनता पार्टी से अपनी नाराजगी जाहिर की है। अब इस नाराजगी का खामियाजा सात दिसंबर को राजस्थान में होने वाले विधानसभा और 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में न भुगतना पड़े, इसके लिए भाजपा लगातार राजपूतों को मनाने की कोशिश कर रही है। ये फैसला भी इसी दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होता है। आपको बता दें कि आनंदपाल का 24 जून 2017 में एनकाउंटर कर दिया गया था। इस एनकाउंटर के बाद राजस्थान में आंदोलन शुरू हो गए थे। गैंगस्टर के परिवार ने भी इसे फर्जी एनकाउंटर बता दिया था। मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने भी इस पर सवाल खड़े करते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।