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RTI Admission : राजस्थान में आरटीई के लॉटरी के 53 दिन बीत गए है पर अभी तक 1.90 लाख बच्चों को दाखिला नहीं मिला है। इसको लेकर अभिभावकों में आक्रोश है। संयुक्त अभिभावक संघ ने गुरुवार सुबह 11 बजे शिक्षा संकुल, जेएलएन मार्ग जयपुर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि यह बच्चों के शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है। निजी स्कूलों पर मनमानी और फीस मांगने के आरोप भी लगाए गए हैं। समस्या का समाधान नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में फ्री प्रवेश के लिए 12 मार्च को जारी ऑनलाइन लॉटरी के बावजूद हजारों बच्चों का भविष्य अधर में है। इस वर्ष आरटीई के तहत कुल 6 लाख 25 हजार 146 छात्रों ने आवेदन किए थे। इनमें 3 लाख 29 हजार 165 बालक, 2 लाख 95 हजार 970 बालिकाएं और 11 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।
लॉटरी प्रक्रिया के जरिए प्राथमिकता सूची जारी कर लगभग सवा दो लाख बच्चों का चयन किया गया, लेकिन लॉटरी के 53 दिन बाद भी करीब 1.90 लाख बच्चों को अब तक प्रवेश नहीं मिल पाया है। इससे नाराज अभिभावक और छात्र 7 मई को शिक्षा संकुल के बाहर जुटेंगे। आरटीई हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है, पर जमीनी स्तर पर इसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि जिन बच्चों को स्कूल में होना चाहिए, वे अपने अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। इससे अभिभावकों में बच्चों के भविष्य को लेकर गहरी चिंता है। चयनित बच्चों के अभिभावक लगातार स्कूलों और शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं, पर हल नहीं मिल पा रहा है।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सरकार की ओर से फीस पुनर्भरण (रीइम्बर्समेंट) समय पर नहीं किया जा रहा है। जिस वजह से वे प्रवेश देने से कतरा रहे हैं।
वहीं शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने आश्वासन दिया है कि जो स्कूल आरटीई के तहत चयनित छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
07 May 2026 08:30 am
Published on:
07 May 2026 08:19 am
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