जयपुर। मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण करने जैसी मांगों को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के साथ ग्राम साथिनें एकजुट हुई। यहां बाईस गोदाम पुलिया के पास महिलाएं सुबह से ही जुटना शुरू हो गई, टोंक, दौसा, सीकर, अजमेर से महिलाएं बसों से आईं। यहां एकजुट होने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। […]
जयपुर। मानदेय बढ़ाने, नियमितीकरण करने जैसी मांगों को लेकर सोमवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के साथ ग्राम साथिनें एकजुट हुई। यहां बाईस गोदाम पुलिया के पास महिलाएं सुबह से ही जुटना शुरू हो गई, टोंक, दौसा, सीकर, अजमेर से महिलाएं बसों से आईं। यहां एकजुट होने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की।
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के नेतृत्व में जुटी आंगनबाड़ी कार्मिकों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 24800 करने और सहायिकाओं का मानदेय 20300 रुपए करने की मांग उठाई। इसके साथ ही नियमित करने और सेवाकर में सुधार करने जैसी मांगे उठाई। विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए जाने लगी तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री व महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री दिया कुमारी के ओएसडी कार्यालय में जाकर उन्हें मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संघ के संस्थापक संरक्षक छोटीलाल बुनकर ने बताया कि सरकार ने अगर उनकी मांगों को बजट में शामिल नहीं किया तो वे दिल्ली कूच करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार ने मानदेय में पिछले 8 साल में एक रुपया भी नहीं बढ़ाया है।