जयपुर

राजस्थान में अन्नपूर्णा दूध योजना का हुआ शुभारम्भ, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने पीया गर्म दूध

मुख्यमंत्री ने दहमीकलां, जयपुर से की कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत, स्कूलों में सुबह प्रार्थना के बाद ही दूध वितरण शुरू, दूध पीकर खुश हुए बच्चे, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पिलाया दूध
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Jul 02, 2018
annapurna milk

जयपुर।

प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत आज से बच्चों को गर्म दूध मिलना शुरू हो गया। अन्नपर्णा दूध योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य स्तरीय समारोह में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय दहमीकलां, जयपुर से की। इससे पहले स्कूलों में सुबह ही प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को दूध वितरण का कार्यक्रम शुरू हो गया। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को दूध पिलाया गया।


इस योजना के तहत प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों और मदरसों के कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दूध पिलाया जा रहा है, प्रदेश के 62 लाख से अधिक बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे हैं। राज्य के सभी जिलों में जिला प्रभारी मंत्री तथा ब्लाॅक स्तर पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने इस योजना की शुरुआत की।

अन्नपूर्णा राज्य स्तरीय समारोह में शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, संसदीय सचिव कैलाश वर्मा, सांसद रामचरण बोहरा तथा जिला प्रमुख मूलचंद मीणा उपस्थित थे। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों को दूध प्रार्थना सभा के तुरंत बाद ही गर्म दूध पिलाया गया। विद्यालयों में दूध छानकर और उबालकर ही वितरित किया गया। दूध वितरण विद्यालय प्रबंध समितियों के मार्गदर्शन में ही किया गया।

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सभी स्कूलों को भेजनी है पालना रिपोर्ट
सभी स्कूल संबंधित अधिकारी को 2 बजकर 29 मिनट तक अन्नपूर्णा दूध योजना की पालना रिपोर्ट भेजेंगे। इस संबंध में आज स्कूलों में अध्यापक अभिभावक परिषद की विशेष बैठक भी होगी। बैठक में शिक्षक अभिभावकों को दूध योजना की जानकारी देंगे।

कई जगह परेशानी
कई जगह शिक्षकों को अन्नपूर्णा दूध योजना में परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। दूर—दराज के क्षेत्रों में ऐसे स्कूल जो एकल अध्यापक के भरोसे हैं या फिर जहां शिक्षकों की कमी है, वहां दूध योजना शिक्षकों के परेशानी बन गई है। शिक्षकों ने दूध की गुणवत्ता की जांच लैक्टोमीटर से की। कई जगहों पर शिक्षकों को डेयरी बूथ से दूध लाने और ग्रामीण क्षेत्र में दूध समितियों से स्कूल तक दूध लाने में परेशानी हुई।

जांच के लिए लगाए अधिकारी
निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक पर्यवेक्षण अधिकारी क्षेत्र परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत अन्नपूर्णा दूध योजना की जांच के लिए लगाए है। अधिकारियों ने भी अलग-अलग स्कूलों में जाकर योजना का औचक निरीक्षण किया।

ये है अन्नपूर्णा दूध योजना
— कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों को 150 एमएल
— कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को 200 एमएल
— सप्ताह में तीन दिन दिया जाएगा दूध
— प्रदेश के सभी 66 हजार 506 सरकारी स्कूलों और मदरसों के बच्चों को पिलाया जा रहा है दूध
— सरकार का दावा प्रदेश के 62 लाख से ज्यादा बच्चे पीएंगे दूध
— शहरी क्षेत्र में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को पिलाएंगे दूध
— ग्रामीण क्षेत्र में सोमवार, बुधवार, शुक्रवार अथवा मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को दूध पिलाया जाएगा
— ग्रामीण क्षेत्र में 35 रुपए प्रति लीटर और शहरी क्षेत्र में 40 रुपए प्रति लीटर दूध खरीदा जा सकेगा।

Updated on:
02 Jul 2018 12:57 pm
Published on:
02 Jul 2018 12:26 pm