राजस्थान विधानसभा में कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर टिप्पणी की। इस मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।
Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को बजट पर चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी लेकर टिप्पणी कर दी। जिसके बाद कांग्रेस विधायकों की स्पीकर वासुदेव देवनानी से नोकझोंक हुई। सत्ता पक्ष ने आसन की ओर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए प्रस्ताव पारित कर पूरे बजट सत्र के लिए कांग्रेस के 6 विधायकों को निलंबित कर दिया। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि 'पहले भाजपा सरकार के एक मंत्री द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी तथा इस पर माफी ना मांगने पर विरोध करने वाले कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित करना, यह दिखाता है कि राजस्थान विधानसभा में भी लोकसभा तथा राज्यसभा जैसा तरीका अपनाया जा रहा है। जैसे वहां अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए सांसदों को सस्पेंड किया जाता है वैसे ही यहां किया गया है।'
उन्होंने कहा कि 'आखिर प्रश्नकाल में मंत्री को अपने जवाब के अलावा ऐसी टिप्पणी करने की क्या आवश्यकता थी? देश के लिए जान देने वाली नेता पर ऐसी ओछी मानसिकता से की गईं टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
गहलोत ने कहा कि 'ऐसा लगता है कि पूरी सरकार ही तमाशा बन गई है। सरकार के पास एक साल का कोई काम गिनाने के लिए नहीं था इसलिए अभिभाषण पर इनकी असफलताएं उजागर करने वाला नेता प्रतिपक्ष का भाषण नहीं होने दिया। अब हमारे प्रदेशाध्यक्ष सहित दलित, पिछड़े, आदिवासी एवं अल्पसंख्यक वर्ग से आने वाले विधायकों को बजट सत्र से सस्पेंड कर दिया गया। कहीं ये बजट पर चर्चा से ध्यान भटकाने का ही तो प्रयास नहीं है?'
वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट राजस्थान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि 'आज राज्य की भाजपा सरकार के मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की, जिसकी निंदा करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति जाहिर की। अब इस मामले के संदर्भ में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा विधानसभा की कार्यवाही को चलने नहीं देना चाहती है और इस प्रकार की अनर्गल बयानबाजी लगातार की जा रही है।'
उन्होंने आगे कहा कि 'इससे पहले भाजपा विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शिवचरण माथुर पर भी अनर्गल बयानबाजी की थी। राज्य के विकास पर चर्चा नहीं की जा रही है बल्कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर टिप्पणी करके भाजपा अपना चेहरा जगजाहिर कर रही है। भाजपा को सदन में मंत्री द्वारा दी गई टिप्पणी पर खेद प्रकट कर, कार्यवाही से निकालना चाहिए और कांग्रेस विधायकों का निलंबन समाप्त करना चाहिए।
बता दें कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विधानसभा में प्रश्नकाल के समय एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा। जिस पर कांग्रेस के विधायक भड़क गए और विधानसभा सचिव की टेबल तक पहुंच गए। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से माफी की मांग की। सत्ता पक्ष ने आसन की ओर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के 6 विधायकों को निलंबित कर दिया। जिसके बाद विपक्ष सदन में धरने पर बैठा है।