
Ashok Gehlot Statement : जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर लगाई गई रोक के फैसले को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट जारी कर इस आदेश को तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने ही स्कूलों की बदहाल हकीकत से डरकर पारदर्शिता खत्म करने की कोशिश कर रही है।
गहलोत ने कहा कि भाजपा शासन में राजस्थान के सरकारी स्कूलों की दुर्गति किसी से छुपी नहीं है। राजकीय विद्यालयों में टूटी छतें, टपकती कक्षाएं और शिक्षकों के हजारों रिक्त पद इस सरकार की जमीनी हकीकत को बयां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाधान इन कमियों को दूर करना था, लेकिन भाजपा सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया। अब बिना प्रधानाचार्य की अनुमति के कोई बाहरी व्यक्ति स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकेगा, न फोटो खींच सकेगा, न वीडियो बना सकेगा और न ही मीडिया रिपोर्टिंग हो सकेगी। जो सरकार अपने ही स्कूलों की हकीकत से डरकर, उनमें सुधार करने की बजाय पारदर्शिता न रखने के लिए दरवाजे बंद करा रही है, वह शिक्षा का भला कभी नहीं कर सकती।
गहलोत ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा सरकार तुरंत इस आदेश को वापस ले और पारदर्शिता से भागना बंद करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर यह तानाशाही फरमान वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में जनता स्वयं आगे आकर स्कूलों की सच्चाई दिखाने वाला अभियान चलाएगी और इस आदेश की धज्जियां उड़ा देगी।
बता दें कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रिंसिपल और संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को राजस्थान के सरकारी स्कूलों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। अधिकृत अधिकारी ही परिसर में आ सकेंगे। वहीं बिना प्रिंसिपल की अनुमति के कोई भी व्यक्ति वीडियो-फोटो नहीं बना सकेगा।