गहलोत सरकार ने आखिर एक झटके में क्यूं ले लिया 400 करोड़ रुपए का 'वित्तीय भार'?
जयपुर।
राज्य की गहलोत सरकार ने राज्य कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ते की दर के 25 प्रतिशत से अधिक होने पर राज्य कर्मचारियों के मकान किराये भत्ते में 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंज़ूरी के बाद सरकार ने राज्य कर्मचारियों को उनके मूल वेतन पर देय ‘वाई’ श्रेणी के शहरों में मकान किराये भत्ते को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने तथा ‘जेड’ श्रेणी के शहरों में यह भत्ता 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करने की स्वीकृति दी है।
मकान किराये भत्ते में यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2021 से लागू होगी। राज्य सरकार इस पर 400 करोड़ रूपए से अधिक का वित्तीय भार वहन करेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में राज्य कर्मचारियों को देय महंगाई भत्ते को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत किया गया है। महंगाई भत्ते की दर के 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक होने पर 7वें वेतन आयोग के क्रियान्वयन के संबंध में वित्त विभाग के 30 अक्टूबर, 2017 के आदेश के अनुरूप मकान किराये भत्ते में वृद्धि के प्रस्ताव को यह मंजूरी दी गई है।