
जयपुर। राज्य कैबिनेट की पहली बैठक शनिवार सुबह 11:30 बजे सीएमओ में हो सकती है। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत लगभग सभी मंत्रियों ने कामकाज संभाल लिया है।
इसके बाद कैबिनेट की बैठक से सरकार अपने निर्णय करना शुरू करेगी। बैठक का एजेंडा फिलहाल तय नहीं है, लेकिन जनघोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाने का निर्णय और किसानों की कर्जमाफी का खाका पेश होने की उम्मीद है।
कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री परिषद की पहली बैठक भी होगी। इससे पहले यह बैठकें शुक्रवार दोपहर साढ़े तीन बजे तय की गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली में होने के चलते इसे स्थगित कर दिया गया।
उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गुरुवार को सचिवालय में सार्वजनिक निर्माण, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सांख्यिकी विभाग का कार्यभार संभाला। उन्होंने कहा कि सरकार का सौ दिन का एक्शन प्लान बनेगा। हालांकि एक्शन प्लान का असर सौ दिन से पहले ही दिख जाएगा।
पायलट ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनघोषणा पत्र में किए वादों को कारगर रूप से लागू करवाना है। सरकार कोई भी ऐसा वादा नहीं छोडऩा चाहेगी, जिससे कि कोई सरकार पर अंगुली उठा सके। पायलट ने कहा कि जनता पूरे भरोसे के साथ सरकार की ओर देख रही है। इसे कायम रखना हमारी जिम्मेदारी है।
पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के लिए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता समाप्त करने पर पायलट ने कहा कि वह पहले भी कह चुके हैं कि शैक्षणिक योग्यता बुरी चीज नहीं है, लेकिन यह पहले सांसद और विधायकों पर लागू होनी चाहिए। सरकार इस पर पुनर्विचार करेगी। पायलट ने कहा कि अब कांग्रेस का लक्ष्य आगामी लोकसभा चुनाव है। कांग्रेस सामूहिक रूप से मिलकर चुनाव लड़ेगी। चुनाव के लिए कांग्रेस पूरी तरह तैयार है।
पायलट ने सार्वजनिक निर्माण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव एम.जी. माहेश्वरी और आरएसआरडीसी के प्रबंध निदेशक पी. के. मित्तल के साथ विभागीय गतिविधियों पर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री ने शासन सचिवालय स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।