मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र मामले को लेकर भाजपा पर जबर्दस्त हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब फ्लोर टेस्ट होगा। हमें उसका इंतजार है लेकिन इससे पहले लोकतंत्र की जिस रूप में अंधेरे में हत्या की गई उसको यह देश कभी भूलेगा नहीं। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। आज तक देश के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। पूरी दुनिया ने भाजपा का तमाशा देखा है।
जयपुर 26 नवंबर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र मामले को लेकर भाजपा पर जबर्दस्त हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब फ्लोर टेस्ट होगा। हमें उसका इंतजार है लेकिन इससे पहले लोकतंत्र की जिस रूप में अंधेरे में हत्या की गई उसको यह देश कभी भूलेगा नहीं। ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। आज तक देश के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। पूरी दुनिया ने भाजपा का तमाशा देखा है।
गहलोत ने मंगलवार को संविधान दिवस पर बिरला सभागार में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में कब राष्ट्रपति शासन हटा, कब कैबिनेट की बैठक हुई थी। पीएम ने कब अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया और राष्ट्रपति को रिकमेंड कर दिया। सुबह 5:47 पर राष्ट्रपति शासन समाप्त कर दिया गया और देवेन्द्र फड़नवीस को शपथ दिला दी गई। ये सब गलत था।
पूरी दुनिया ने देखा भाजपा का तमाशा— गहलोत ने कहा कि भाजपा के इस कृत्य से पूरी दुनिया में देश की प्रतिष्ठा गिरी है। दुनिया क्या सोच रही होगी। हिन्दुस्तान में ऐसी बातें भी होती है। गहलोत ने कहा कि अब न्याय मिलेगा और कल इन्हें शिकस्त मिलेगी। भाजपा के सारे हथकंडे फेल होंगे। इन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग की जो कल्पना थी, वह चकनाचूर हो जाएगा।
गहलोत ने कहा कि अब बहुमत परीक्ष्रण लाइव होगा। सबके बीच में लाइव टेलीकास्ट होगा। इसका स्वागत किया जाना चाहिए। गवर्नर की भूमिका पर गहलोत ने कहा कि गवर्नर को तो पद पर बने रहने का अधिकार ही नहीं है। उन्हें तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। जिस रूप में उन्होंने बीजेपी के दबाव में काम किया वो गलत था।
गहलोत ने कहा कि संविधान दिवस से दो दिन पहले संविधान की जो धज्जियां उड़ाई गई है वह पूरा मुल्क देख रहा है। सत्ता पक्ष वाली पार्टी अगर ऐसे हथकंडे अपनाएगी तो देश के लिए तो लोग क्या सोचेंगे। अदालतों में पेडिंग केस को लेकर उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क के हालात बड़े विकट है। केस की संख्या बढ़ती जा रही हैै। लाखों केसेज पेंडिंग है। लोगों को समय पर न्याय नहीं मिलता है और जब समय पर न्याय नहीं मिलता है तो न्याय नहीं मिलने के बराबर होता है। इसके लिए केंद्र सरकार को भी सोचना पड़ेगा। राज्य सरकार पूरा सहयोग करेंगी। राजनीतिक दलों को कोई रास्ता निकालना चाहिए।