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राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज, नई रणनीति से संगठन मजबूत करने में जुटे बीजेपी-कांग्रेस

Rajasthan BJP-Congress Politics: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बीजेपी सत्ता-संगठन समन्वय, बूथ सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार पर फोकस कर रही है। जबकि कांग्रेस पदाधिकारियों की ग्रेडिंग, जवाबदेही और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए संगठन को धार देने में जुटी है।

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जयपुर

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Arvind Rao

Jun 16, 2026

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections (Patrika File Photo)

Rajasthan Panchayat and Local Body Elections: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों से पहले बीजेपी-कांग्रेस दोनों दलों ने संगठन को धार देने की कवायद तेज कर दी है। बीजेपी जहां सत्ता-संगठन समन्वय, बूथ सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार पर फोकस कर रही है। वहीं, कांग्रेस अधिकारियों की रैंकिंग, जवाबदेही और जमीनी निगरानी के जरिए संगठन को मजबूत बनाने में जुटी है।

बीजेपी का तीन सूत्री मिशन…समन्वय, चुनाव और प्रचार पर जोर

बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार जल्द ही प्रदेश के संभागों और जिलों के व्यापक प्रवास पर जाएंगे। इनमें मुख्य फोकस सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों को धार देना और केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना रहेगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों में जमीनी स्तर तक और अधिक सक्रियता की जरूरत है। इसी उद्देश्य से अजेय कुमार विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर फीडबैक जुटाएंगे।

संगठन की हाल ही में हुई विभिन्न बैठकों में मिले सुझावों और रिपोर्टों के आधार पर यह सामने आया है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर से मिलने वाला फीडबैक आगामी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस टारगेट पर नजर

  • केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके साथ ही आमजन से पार्टी का जुड़ाव और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।
  • आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए संगठन निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
  • बूथ स्तर तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और कार्यकर्ताओं को चुनावी दृष्टि से तैयार करने पर जोर रहेगा।
  • सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी प्रमुख उद्देश्य में है।
  • संगठन कार्यकर्ताओं और जनता के बीच संवाद बढ़ाने के साथ-साथ सरकार और संगठन के बीच प्रभावी तालमेल सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम होगा।

कांग्रेस का अब नया फॉर्मूलाः काम करके दिखाओ और रेटिंग पाओ

कांग्रेस संगठन को पंचायत निकाय चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अब पदाधिकारियों की सक्रियता का भी पूरा लेखा-जोखा रखा जा रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत एआईसीसी से लेकर प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारियों को मासिक लक्ष्य दिए जा रहे हैं। उनके दौरे, बैठकों, कार्यकर्ता सहभागिता और संगठनात्मक गतिविधियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।

इसी आधार पर ग्रेडिंग तैयार की जा रही है, जिससे पार्टी नेतृत्व को प्रत्येक पदाधिकारी के प्रदर्शन का आकलन करने में आसानी होगी। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने संगठन विस्तार और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के अभियान को गति दी है। साथ ही पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा होगी। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन के लिए हर स्तर पर सक्रिय और जवाबदेह नेतृत्व जरूरी है।

विधानसभा-ब्लॉक तक पहुंचने का जिम्मा

  • एआईसीसी ने प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ नियुक्त तीन प्रदेश प्रभारी सचिवों को अब विधानसभा क्षेत्रों व ब्लॉक स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य दिया है।
  • एआईसीसी सचिव चिरंजीवी राव, पूनम पासवान और रित्विक मकवाना अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में दौरे कर समीक्षा कर रहे हैं। उनकी ओर से दौरे के कार्यक्रम भी जारी किए जा रहे हैं।

फोटो, खबर के आधार पर मूल्यांकन

जिलाध्यक्षों को विभिन्न विषयों पर बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठकों की तस्वीरें, मीडिया कवरेज, उपस्थिति संबंधी विवरण पार्टी पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। इन्हीं के आधार पर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों की ग्रेडिंग की जा रही है। भविष्य में संगठनात्मक जिम्मेदारियों और प्रदर्शन की समीक्षा में यह रिपोर्ट कार्ड आधार बनेगा।