
Rajasthan Congress V/S BJP - File PIC
Rajasthan Panchayat and Local Body Elections: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों से पहले बीजेपी-कांग्रेस दोनों दलों ने संगठन को धार देने की कवायद तेज कर दी है। बीजेपी जहां सत्ता-संगठन समन्वय, बूथ सक्रियता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार पर फोकस कर रही है। वहीं, कांग्रेस अधिकारियों की रैंकिंग, जवाबदेही और जमीनी निगरानी के जरिए संगठन को मजबूत बनाने में जुटी है।
बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार जल्द ही प्रदेश के संभागों और जिलों के व्यापक प्रवास पर जाएंगे। इनमें मुख्य फोकस सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियों को धार देना और केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना रहेगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन का मानना है कि इन तीनों क्षेत्रों में जमीनी स्तर तक और अधिक सक्रियता की जरूरत है। इसी उद्देश्य से अजेय कुमार विभिन्न जिलों में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर फीडबैक जुटाएंगे।
संगठन की हाल ही में हुई विभिन्न बैठकों में मिले सुझावों और रिपोर्टों के आधार पर यह सामने आया है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर से मिलने वाला फीडबैक आगामी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कांग्रेस संगठन को पंचायत निकाय चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अब पदाधिकारियों की सक्रियता का भी पूरा लेखा-जोखा रखा जा रहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत एआईसीसी से लेकर प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारियों को मासिक लक्ष्य दिए जा रहे हैं। उनके दौरे, बैठकों, कार्यकर्ता सहभागिता और संगठनात्मक गतिविधियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।
इसी आधार पर ग्रेडिंग तैयार की जा रही है, जिससे पार्टी नेतृत्व को प्रत्येक पदाधिकारी के प्रदर्शन का आकलन करने में आसानी होगी। लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने संगठन विस्तार और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के अभियान को गति दी है। साथ ही पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा होगी। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन के लिए हर स्तर पर सक्रिय और जवाबदेह नेतृत्व जरूरी है।
जिलाध्यक्षों को विभिन्न विषयों पर बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठकों की तस्वीरें, मीडिया कवरेज, उपस्थिति संबंधी विवरण पार्टी पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। इन्हीं के आधार पर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों की ग्रेडिंग की जा रही है। भविष्य में संगठनात्मक जिम्मेदारियों और प्रदर्शन की समीक्षा में यह रिपोर्ट कार्ड आधार बनेगा।
Updated on:
16 Jun 2026 07:32 am
Published on:
16 Jun 2026 07:32 am
