जयपुर

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का अंतिम परिणाम जारी करने पर राजस्थान हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, विवादित सवालों पर मांगा जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) भर्ती-2025 के अंतिम परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता संजय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
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Sep 10, 2026
assistant professor final result stayed
Rajasthan Assistant Professor Final Result Stayed (Patrika File Photo)

Rajasthan Assistant Professor Recruitment 2025: जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा) भर्ती-2025 के अंतिम परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता संजय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने आरपीएससी को भर्ती की चयन प्रक्रिया जारी रखने की छूट देते हुए अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक लगाई है। साथ ही उच्च शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से जवाब-तलब किया है। याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन किया था। प्रार्थी ने परीक्षा के बाद जारी मॉडल उत्तर कुंजी के खिलाफ नियमानुसार आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिनमें सामान्य ज्ञान के 15 प्रश्नों और अंग्रेजी विषय के 7 प्रश्नों के उत्तरों पर आपत्ति जताई गई थी।

30 पदों के लिए निकाली थी भर्ती

याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 18 दिसंबर को कॉलेज शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 30 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन किया और लिखित परीक्षा में शामिल हुआ। परीक्षा के बाद आयोग ने मॉडल उत्तर कुंजी जारी की। इसमें याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी भाषा के प्रश्न पत्र के साथ सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्र के 15 प्रश्नों के उत्तरों पर आपत्ति जताई और आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

मान्यता प्राप्त पुस्तकों के आधार पर जताई आपत्ति

अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने मान्यता प्राप्त पुस्तकों और संबंधित स्रोतों के आधार पर दावा किया कि आयोग की ओर से जांचे गए कुछ प्रश्नों के उत्तर सही नहीं हैं। इसके बावजूद आयोग ने आपत्तियों पर उचित विचार नहीं किया। वहीं, अंतिम उत्तर कुंजी जारी किए बिना ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा है।

याचिका में कहा गया कि सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए समान था। ऐसे में विवादित प्रश्नों और उनके उत्तरों का असर सभी विषयों के परिणाम पर पड़ सकता है। याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि यदि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ती है और अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी जाती है, तो तीसरे पक्ष के अधिकार सृजित हो जाएंगे।

इससे भविष्य में कानूनी पेचीदगियां बढ़ सकती हैं। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। साथ ही अदालत ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का अंतिम परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।

Updated on:
10 Sept 2026 08:12 am
Published on:
10 Sept 2026 08:12 am