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जयपुर में नशे की ऑनलाइन डिलीवरी का भंडाफोड़: पढ़ने आए थे, बन गए ड्रग्स सप्लायर; B-Pharma छात्र गिरफ्तार

जयपुर के मानसरोवर (सिटी पार्क के पास) में एएनटीएफ ने एक किराए के मकान पर दबिश देकर रैपिडो और पोर्टर जैसी ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से नशे की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। मौके से 439 ग्राम एमडी, 466 ग्राम अफीम, पैकिंग सामग्री और ई-कॉमर्स लेबल बरामद हुए।
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जयपुर

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Arvind Rao

Sep 09, 2026

online delivery of drugs in jaipur

ANTF की गिरफ्त में आए आरोपी (पत्रिका फोटो)

Jaipur Drug Trafficking: राजधानी जयपुर में नशे की पार्टियों और घरों तक ऑनलाइन मादक पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क का एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। मानसरोवर स्थित सिटी पार्क के पास किराए के कमरे में दबिश देकर टीम ने 439 ग्राम एमडी और 466 ग्राम अफीम बरामद की। मौके से मादक पदार्थों की पैकिंग और डिलीवरी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली। कार्रवाई में बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी मनीष ढाका (20) और गोपीकृष्ण उर्फ प्रिंस (20) को गिरफ्तार किया गया।

आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि सिटी पार्क के पास एक मकान में दो युवक मादक पदार्थ लेकर सप्लाई की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी और दोनों युवकों को पकड़ लिया। कमरे की तलाशी लेने पर एमडी और अफीम के अलावा इलेक्ट्रॉनिक कांटा, पुराने और नए जिप लॉक पाउच, पैकिंग थैलियां, ई-कॉमर्स कंपनियों के लेबल वाली पार्सल थैलियां और 11 खाली गत्ते के बॉक्स मिले।

बाड़मेर से आया नेटवर्क, पढ़ाई के दौरान तस्करी में उतरे

पूछताछ में सामने आया कि मनीष ढाका वर्ष 2023 में बी-फार्मेसी की पढ़ाई करने जयपुर आया था। यहां कुछ दोस्तों ने उसे अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई से मोटी कमाई का लालच दिया। इसके बाद उसका संपर्क बाड़मेर के एक तस्कर से कराया गया। बताया जा रहा है कि उक्त तस्कर का जयपुर में पहले से नेटवर्क सक्रिय था। मनीष ने बाद में अपने दोस्त गोपीकृष्ण को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया।

मोबाइल पर मिलती थी नशे की डिलीवरी लोकेशन

जांच में पता चला कि बाड़मेर में बैठा मुख्य सप्लायर अलग मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों से संपर्क करता था। वह वाट्सऐप पर मादक पदार्थ की मात्रा, प्रकार और डिलीवरी की लोकेशन भेजता था। इसके बाद आरोपी रैपिडो और पोर्टर जैसी ऑनलाइन सेवाओं से राइड बुक कर नशे के पार्सल ग्राहकों तक पहुंचाते थे। इसके बदले उन्हें प्रति राइड करीब 200 रुपए मिलते थे।

रात में राइड और कूरियर सेवाएं बंद होने के बाद आरोपी नशे की पुड़िया किसी तय स्थान पर छिपा देते थे। इसके बाद उसकी फोटो और लोकेशन ग्राहक को वाट्सऐप के जरिए भेज दी जाती थी। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने अलग-अलग किराए के कमरे और ठिकाने भी बदल रखे थे। एएनटीएफ अब बाड़मेर से जयपुर तक फैले इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

ब्यावर में 248 किलो डोडा पोस्त और अफीम का दूध बरामद

एएनटीएफ ने दूसरी कार्रवाई ब्यावर सदर थाना क्षेत्र में की। यहां टीम ने 248.140 किलो डोडा पोस्त और 940 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया। तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त कर जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा निवासी लेखाराम उर्फ पीपी विश्नोई (28) और कुम्भानिया निवासी सूर्यप्रकाश उर्फ सुरेश विश्नोई (26) को गिरफ्तार किया गया।

आईजी विकास कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़ से जोधपुर की ओर जा रही एक कार में भारी मात्रा में डोडा पोस्त ले जाया जा रहा है। मकरेड़ा के पास नाकाबंदी के दौरान टीम ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान कार रेलवे लाइन की पुलिया की दीवार से टकराकर रुक गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।

कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट और डिग्गी से 14 कट्टों में भरा डोडा पोस्त बरामद हुआ। वहीं, गियर बॉक्स के पास छिपाकर रखी प्लास्टिक की थैली से 940 ग्राम अफीम का दूध मिला। कार से दो अतिरिक्त नंबर प्लेट भी बरामद हुईं, जिनका इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया जाता था।

एएनटीएफ के अनुसार, दोनों कार्रवाइयों में जब्त मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अब दोनों मामलों में मादक पदार्थों के स्रोत और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।