
हर्षित जैन
Ayodhya Ram Temple Update : प्रभु श्रीराम अब बाल स्वरूप के बाद बड़े रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। छोटी काशी जयपुर से भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या के लिए अद्वितीय प्रतिमाएं रवाना हो चुकी हैं। सफेद संगमरमर से तराशी गईं और हेम्मार्क फोटोग्राफिक तकनीक से तैयार की गईं ये जीवंत मूर्तियां देखने लायक होगी। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद जून के पहले सप्ताह में दूसरे चरण में रामदरबार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां अंतिम चरण में है।
छोटी काशी के कलाकारों ने कड़ी मेहनत से प्रतिमाओं को तैयार किया है। पांडे मूर्ति भंडार के सत्यनारायण पांडे और प्रशांत पांडे ने बताया कि इससे पहले भी बीते साल हुई बाल स्वरूप की रामलला की प्रतिमा वे तैयार कर चुके हैं। इस बार गंगा दशहरा पांच जून को राम जन्मभूमि पर राम दरबार समेत अन्य मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा होगी। प्रभु श्री राम और सीता माता के साथ लक्ष्मण और हनुमान बैठी मुद्रा में जबकि भरत और शत्रुघ्न खड़े रूप में पीछे नजर आएंगे।
दूसरे चरण की प्रतिष्ठा में रामदरबार के अलावा मंदिर के परकोटे में गणेश जी, हनुमान जी, दुर्गा, अन्नपूर्णा माता, सूर्य भगवान की प्रतिमा के अलावा पहले मंजिल पर दंडधारी, सप्तऋषि की मूर्तियां तैयार की है। मंदिर में एक सप्तऋषि मंडल उसी क्रम में विराजमान होगा। जैसा ब्रह्मांड में नजर आता है।
1- पहले चरण की प्राण प्रतिष्ठा में जयपुर के पांडे मूर्ति भंडार की तैयार 11 मूर्तियां हुई प्रतिष्ठित।
2- दूसरे चरण के लिए कुल 19 प्रतिमाएं की तैयार, गर्भगृह की तीन मूर्तियां भी शामिल।
3- 25 कलाकारों ने की प्रतिमाएं तैयार, पूरे मंदिर के लिए 80 प्रतिशत काम किया कलाकारों ने।
4- आपस में चर्चा के साथ पूरे सात्विक का ध्यान में रखकर तैयार की गई प्रतिमा तैयार।
25 कलाकारों ने लगभग सालभर में 19 शिलाओं से 19 प्रतिमा तैयार की हैं। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के कार्यक्रमों की शुरुआत 23 मई से होगी। प्रथम तल पर सिंहासन को तैयार कर लिया गया है जिस पर भगवान राम और माता जानकी विराजमान होंगे, वहीं भगवान हनुमान और लक्ष्मण सिंहासन के आगे बैठने की मुद्रा में रहेंगे। भरत और शत्रुघ्न सिंहासन के पीछे खड़े मुद्रा में विराजमान होंगे। पुष्पेंद्र पांडे ने बताया कि मूर्ति बनाते समय उनकी बहादुरता, सौम्यता, आदर्श के भाव दर्शाए जाएं।