
Ashok Gehlot urges Bhajanlal Government to Restart Annapurna Kit Scheme - File PICs
राजस्थान में लगातार बढ़ती महंगाई और खाद्य पदार्थों के दामों में उछाल के बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार से आम जनता को राहत देने की जोरदार वकालत की है। गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो और संदेश साझा करते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चलाई गई 'मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा राशन किट' योजना को बिना किसी देरी के पुनः चालू करें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कमजोर मानसून और बाजार के अनिश्चित हालात के चलते आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है, ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा चुका है।
अशोक गहलोत ने अपने संदेश की शुरुआत "बढ़ती महंगाई से राहत के लिए अन्नपूर्णा राशन किट पुनः शुरू करे सरकार" शीर्षक से की और मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संदेश में आम उपभोक्ता की रोजमर्रा की जरूरतों और बाजार की जमीनी हकीकत को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आम आदमी की थाली से जरूरी खाद्य पदार्थ गायब होते जा रहे हैं।
गहलोत ने तीखे शब्दों में लिखा, "भाजपा सरकार की गलत नीतियों ने आम आदमी से चीनी और गुड़ की मिठास और प्याज का तीखापन दोनों छीन लिए हैं। 'अच्छे दिन' और महंगाई कम करने के बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार के राज में आज रसोई का हर सामान आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। यह सिर्फ महंगाई नहीं, आम आदमी की थाली पर सुनियोजित डाका है।"
अपने संदेश में अशोक गहलोत ने मौसम और आने वाले आर्थिक संकट की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस साल देश के कई हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता और कमजोर स्थिति के कारण आने वाले महीनों में खाद्यान्न और सब्जियों की कीमतें और ज्यादा आसमान छू सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने निचले और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को खाद्य सुरक्षा और राशन का बैकअप नहीं दिया, तो आम नागरिकों के जीवन पर इसका विपरीत असर पड़ेगा।
अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर फैसले लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान गरीब, असहाय और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए एक संपूर्ण पोषण किट बांटी जाती थी, जिसमें दैनिक जरूरत की सभी मुख्य चीजें शामिल थीं।
गहलोत ने मांग उठाई कि सरकार को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना छोड़कर तुरंत इस योजना को फिर से लागू करना चाहिए, जिसके तहत पात्र परिवारों को दाल, नमक, चीनी, खाद्य तेल (कुकिंग ऑयल), मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और हल्दी पाउडर, जैसे essential सामान उपलब्ध कराए जाते थे। गहलोत के अनुसार, इस अल्पआय वर्ग को राहत पहुंचाना ही इस समय राजस्थान की मुख्य जनभावना है।
राजस्थान में पूर्ववर्ती सरकार की कई लोक-कल्याणकारी योजनाओं के रिव्यू और पुनर्गठन के बाद से ही अन्नपूर्णा राशन किट का वितरण बंद था। हालांकि, अब जब खुद पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया है और सोशल मीडिया पर इसे भारी समर्थन मिल रहा है, तो राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि क्या राज्य सरकार इस राहत योजना को नए रूप में पेश करेगी या नहीं।
राजस्थान सरकार की वर्तमान कल्याणकारी योजनाओं, खाद्य सुरक्षा (NFSA) और राशन वितरण प्रणाली से जुड़ी आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिक राज्य सरकार के पोर्टल्स का उपयोग कर सकते हैं-
राजस्थान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जानकारी के लिए Food and Civil Supplies Department Portal का विजिट करें।
राज्य सरकार के आधिकारिक फैसलों के लिए Rajasthan State Government Portal पर विजिट करें।
Updated on:
27 Aug 2026 09:13 am
Published on:
27 Aug 2026 09:13 am
